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अब देर ठीक नहीं! 31 मार्च से पहले भर दें अपना ITR नहीं तो बढ़ जाएंगी मुसीबतें

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Mar 28, 2022 03:17 pm IST,  Updated : Mar 28, 2022 03:17 pm IST

कर विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप 31 मार्च तक रिटर्न नहीं दाखिल करते हैं तो आपको 50 फीसदी से लेकर 200 फीसदी तक जुर्माना देना पड़ सकता है।

ITR- India TV Hindi
ITR Image Source : FILE

Highlights

  • आयकर रिटर्न भरने का 31 मार्च तक है मौका
  • आईटीआर दाखिल नहीं करने पर करदाता के खिलाफ कार्रवाई संभव
  • बकाया टैक्स पर 50 फीसदी से लेकर 200 फीसदी तक जुर्माना लगाने का प्रावधान

नई दिल्ली।  अगर आपने वित्त वर्ष 2020-21 और असेसमेंट ईयर 2021-22 के लिए अपना आयकर रिटर्न (ITR) नहीं भरा है तो अब देर नहीं करें। आपके पास मात्र तीन दिन का समय बचा है। उसके बाद रिटर्न नहीं भरने पर आपको भारी पेनल्टी देना पड़ सकता है। साथ ही 3 महीने से 2 साल तक की जेल की सजा मिल सकती है। तो अब देर ठीक नहीं है! अपना आईटीआर आज ही दाखिल कर कर दें नहीं तो काफी नुकसान हो सकता है।

भरना पड़ सकता है 200 फीसदी तक जुर्माना

कर विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप 31 मार्च तक रिटर्न नहीं दाखिल करते हैं तो आपको 50 फीसदी से लेकर 200 फीसदी तक जुर्माना देना पड़ सकता है। रिटर्न नहीं भरने पर टैक्स अधिकारी मानता है कि आईटीआर दाखिल नहीं करने की वजह से कमाई का पूरी तरह मूल्यांकन नहीं हो सकता है। ऐसे में वह सेक्शन 148 के तहत नोटिस जारी करता है और कुल बकाया टैक्स पर 50 फीसदी से लेकर 200 फीसदी तक जुर्माना लगाता है। इसके अलावा, तय समय पर आईटीआर नहीं भरने पर सेक्शन 234ए के तहत बकाया टैक्स पर हर महीने एक फीसदी ब्याज वसूलता है।

विलंब शुल्क के साथ अभी रिटर्न भरने का मौका

IT अधिनियम की धारा 234F के तहत, निर्धारित तिथि के भीतर ITR दाखिल नहीं करने पर जुर्माना लगाया जाता है। जिन टैक्सपेयर की कर योग्य आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं है, उनपर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। वहीं, इससे अधिक आय वाले करदाता पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है।

सजा का भी प्रावधान 

कर विशेषज्ञों का कहना है कि आईटीआर दाखिल नहीं करने की सही वजह नहीं होने पर करदाता के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। आयकर विभाग धारा 276सीसी के तहत कार्रवाई शुरू कर सकता है। टैक्स चोरी के आरोप में टैक्सपेयर्स को तीन महीने से लेकर दो साल तक की जेल हो सकती है। इसके साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है। हालांकि, केवल तभी मुकदमा चला सकता है जब कर की राशि 10,000 रुपए से ज्‍यादा होगी।

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