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अब वाराणसी में तैयार होगा 'ग्रीन' कोयला, ये बिजली कंपनी करने वाली है शुरुआत

 Published : Mar 16, 2023 07:11 pm IST,  Updated : Mar 16, 2023 07:11 pm IST

‘टॉरेफाइड चारकोल’ प्राकृतिक कोयले के समान होता है और बिजली उत्पादन के लिए तापीय बिजलीघरों में इसका ईंधन के साथ सफलतापूर्वक तरीके से मिश्रण किया जाता है।

Green Coal- India TV Hindi
Green Coal Image Source : FILE

आपने कोयला हमेशा काला देखा होगा, लेकिन उत्तर प्रदेश के वाराणसी में अब जल्द ही ग्रीन कोयले का निर्माण होगा। दरअसल यह कोयला रंग नहीं बल्कि काम से ग्रीन होगा। इसे शहरी कचरे से तैयार किया जाएगा। सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी ने वाराणसी में अपनी तरह की पहली वाणिज्यिक हरित कोयला (टॉरेफाइड चारकोल) परियोजना शुरू की है। 

कंपनी ने एक बयान में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इस परियोजना के तहत नगरपालिका के कचरे से हरित कोयला बनाया जायेगा। एनटीपीसी ने नगर निगम के कचरे से हरित कोयला बनाने की योजना लगभग तीन साल पहले बनाई थी। ‘टॉरेफाइड चारकोल’ प्राकृतिक कोयले के समान होता है और बिजली उत्पादन के लिए तापीय बिजलीघरों में इसका ईंधन के साथ सफलतापूर्वक तरीके से मिश्रण किया जाता है। यह पर्यावरण अनुकूल प्रक्रिया होती है जिसमें कचरे को जलाया नहीं जाता बल्कि रिएक्टर के भीतर प्रसंस्कृत किया जाता है। 

बयान के अनुसार यह परियोजना एनटीपीसी की इकाई एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड (एनवीवीएनएल) ने इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) के आधार पर मैकोबर बीके को दी थी। हाल ही में, वाराणसी के रमना में हरित कोयला परियोजना संयंत्र में 200 टन प्रति दिन (टीपीडी) क्षमता के पहले रिएक्टर मॉड्यूल को स्थापित और चालू किया गया। 

सभी तीन मॉड्यूलों की स्थापना के बाद इस संयंत्र की कुल अपशिष्ट प्रबंधन क्षमता प्रतिदिन 600 टन प्रतिदिन होगी। कंपनी ने कहा कि एनटीपीसी को इस इकाई से 200 टन अपशिष्ट से 70 टन हरित कोयला मिला। सफल प्रयोग के बाद, अपशिष्ट से हरित कोयला बनाने के और संयंत्र लगाये जाएंगे।

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