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रिलायंस और 8 IITs ने मिलकर बनाया देसी ChatGPT 'Hanooman', अगले महीने होगा लॉन्च, जानिए डिटेल

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Feb 21, 2024 06:24 pm IST,  Updated : Feb 21, 2024 07:53 pm IST

Hanooman : रिलायंस इंडस्ट्रीज और देश के 8 आईआईटी द्वारा समर्थित भारतजीपीटी ग्रुप ने मुंबई में एक तकनीकी सम्मेलन के दौरान मंगलवार को अपने बड़े भाषा मॉडल की एक झलक पेश की।

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस Image Source : FILE

भारत को जल्द ही देसी चैटजीपीटी मिलने वाला है। मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) और देश के 8 IITs का कंसोर्टियम अगले महीने से अपनी पहली चैट जीपीटी स्टाइल वाली सर्विस लॉन्च करने जा रहा है। आर्टिफिशियल इटेलिजेंस सेक्टर में भारत को आगे ले जाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। रिलायंस इंडस्ट्रीज और देश के 8 आईआईटी द्वारा समर्थित भारतजीपीटी ग्रुप (BharatGPT) ने मुंबई में एक तकनीकी सम्मेलन के दौरान मंगलवार को अपने बड़े भाषा मॉडल की एक झलक पेश की। सम्मेलन में चलाए गए एक वीडियो में दक्षिण भारत में एक मोटरसाइकिल मैकेनिक ने तमिल में, एक बैंकर ने हिंदी में और हैदराबाद में एक डेवलपर ने कंप्यूटर कोड लिखने के लिए एआई बॉट से बातचीत की।

क्यों खास है यह हनुमान AI मॉडल?

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस एआई मॉडल का नाम हनुमान है। अगर यह सफल रहा, तो यह भारत में एआई तकनीक के विकास के मामले में एक मील का पत्थर साबित होगा। भारत जीपीटी का यह मॉडल हेल्थ केयर, गवर्नेंस, फाइनेंशियल सर्विसेज और एजुकेशन जैसे चार मुख्य क्षेत्रों में 11 स्थानीय भाषाओं में काम करेगा। इस मॉडल का विकास भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के सहयोग से किया गया है, जिसमें आईआईटी मुंबई भी शामिल है। इसमें वायरलेस कैरियर रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड और भारत सरकार का भी समर्थन प्राप्त है। आईआईटी बॉम्बे के कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष गणेश रामकृष्णन ने कहा, "यह एलएलएम की एक अलग शैली है।"

ये भी बना रहे एआई मॉडल

प्रमुख वीसी इन्वेस्टर्स जैसे लाइटस्पीड वेंचर पार्टनर्स और अरबपति विनोद खोसला के फंड द्वारा समर्थित सर्वम और कृत्रिम जैसे कई स्टार्टअप भी भारत के लिए अनुकूलित ओपन-सोर्स एआई मॉडल बना रहे हैं। जबकि सिलिकॉन वैली की कंपनियां जैसे OpenAI काफी बड़े एलएलएम बना रही हैं।

स्पीच टू टैक्स्ट कैपेबिलिटीज 

हनुमान स्पीच टू टैक्स्ट कैपेबिलिटीज भी ऑफर करेगा। इससे यह काफी यूजर फ्रेंडली होगा। रामकृष्णन ने कहा कि रिलायंस जियो स्पेसिफिक यूजर्स के लिए कस्टमाइज्ड मॉडल्स बनाएगा। कंपनी ऑलरेडी जियो ब्रेन पर काम कर रही है, जो 450 मिलियन ग्राहकों के नेटवर्क पर एआई का यूज करने के लिए एक प्लेटफॉर्म है।

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