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रूसी तेल की मूल्य सीमा तय करने वाले गठजोड़ में शामिल हो भारत! जानिए अमेरिका क्यों कर रहा है कोशिश

अमेरिका ने शुक्रवार को भारत से कहा कि वह रूसी तेल की मूल्य सीमा तय करने वाले गठजोड़ में शामिल हो।

Sachin Chaturvedi Edited By: Sachin Chaturvedi @sachinbakul
Published on: August 27, 2022 19:13 IST
Russian Oil- India TV Hindi
Photo:FILE Russian Oil

रूस यूक्रेन युद्ध के बाद से कच्चे तेल के दाम आसमान पर हैं। युद्ध शुरू हुए 6 महीने बीतने को आए हैं लेकिन कच्चा तेल अभी भी 100 डॉलर के आसपास है। भले ही दुनिया भर में रूसी तेल और गैस का बहिष्कार कर दिया हो, लेकिन भारत और चीन रूस के कच्चे तेल का भरपूर फायदा उठा रहे हैं। भारत का यह कदम अमेरिका की आंखों में अखर भी रहा है। इस बीच अमेरिका के नेतृत्व में यूरोपीय देश रूसी तेल की कीमतों पर कैपिंग लगाने की तैयारी में हैं। अमेरिका चाहता है कि भारत भी उसका साथ दे।  

अमेरिका ने शुक्रवार को भारत से कहा कि वह रूसी तेल की मूल्य सीमा तय करने वाले गठजोड़ में शामिल हो। इस गठजोड़ का मकसद मास्को के लिए आय के साधनों को बाधित करना और वैश्विक ऊर्जा कीमतों को नरम बनाना है। भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए अमेरिका के उप वित्त मंत्री वैली अडेयेमो ने यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस की कमाई को सीमित करने के उपायों पर चर्चा की। इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। 

रूस पर लगाम कसने की तैयारी

कच्चे तेल की कीमत 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से अधिक होने पर अमेरिका तथा अन्य जी-7 देश रूसी तेल पर मूल्य सीमा लागू करने पर विचार कर रहे हैं। अडेयेमो ने कहा कि रूस के ऊर्जा और खाद्यान्न व्यापार को प्रतिबंधों से बाहर रखा गया है और भारत जैसे देश स्थानीय मुद्रा सहित किसी भी मुद्रा का उपयोग करके सौदे कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने रूस से आने वाले तेल के दाम की सीमा तय करने के प्रस्ताव में ‘गहरी दिलचस्पी’ दिखाई है। उन्होंने कहा कि मूल्य सीमा तय होने से रूस को मिलने वाले राजस्व में कमी आएगी। 

अमेरिका की पाबंदियां अब तक बेअसर

यू्क्रेन पर हमले की पृष्ठभूमि में अमेरिका ने रूस पर कई पाबंदियां लगाई हैं। अडेयेमो ने कहा, ‘‘दामों की सीमा तय करने को लेकर एकसाथ आने के बारे में भारतीय अधिकारियों और नीति निर्माताओं से मेरी बात हुई है और उन्होंने इस विषय में गहरी दिलचस्पी भी दिखाई है। यह उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा की कीमतों को कम करने के भारत के उद्देश्य के अनुरूप है। हम उन्हें इस बारे में सूचनाएं दे रहे हैं और इस विषय पर संवाद जारी रहेगा।’’ 

भारत पर दबाव बना रहा है अमेरिका 

दरअसल भारत समेत कुछ देशों ने रूस से तेल की खरीद बढ़ा दी है और इसी को देखते हुए अमेरिका, रूस से आने वाले तेल के दामों की सीमा तय करना चाहता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अडेयेमो से शुक्रवार को मुलाकात की और हिंद-प्रशांत आर्थिक रूपरेखा तथा भारत की जी-20 की अध्यक्षता समेत विभिन्न मुद्दों पर उनके साथ बातचीत की।

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