Sensex, Nifty recover from budget despair as manufacturing data raise hopes
नई दिल्ली। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स सोमवार को 137 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। एचयूएल, आईसीआईसीआई बैंक और एशियन पेंट की अगुवाई में यह तेजी आई। उतार-चढ़ाव वाले कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 136.78 अंक यानी 0.34 प्रतिशत मजबूत होकर 39,872.31 अंक रहा। कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 40,014.90 अंक तथा नीचे में 39,563.07 अंक तक गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 46.05 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11,707.90 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के शेयरों में सर्वाधिक लाभ में एशियन पेंट रहा। इसमें 6.32 प्रतिशत की तेजी आई। उसके बाद नेस्ले इंडिया, एचयूएल, बजाज ऑटो, इंडसइंड बैंक, टाटा स्टील, मारुति और पावरग्रिड शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ आईटीसी में 5.09 प्रतिशत की गिरावट रही। इसके अलावा, टीसीएस, एचसीएल टेक, हीरो मोटो कार्प और टेक महिंद्रा नुकसान में रहे।
आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के शोध प्रमुख (निवेश सेवा) नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि निवेशकों के बजट के प्रभाव का आकलन किए जाने और अमेरिका वायदा सूचकांक में कल तेजी के साथ सप्ताह के पहले सत्र में भारतीय बाजारों में उतार-चढ़ाव रहा। उन्होंने कहा कि दोपहर के कारोबार में बाजार में तेजी रही। एक मासिक सर्वे में देश के विनिर्माण क्षेत्र में जनवरी में गतिविधियां बढ़कर आठ महीने के उच्च स्तर पर पहुंचने की खबर से बाजार पर सकारात्मक रुख रहा।
कंपनियों के खरीद प्रबंधकों (परचेजिंग मैनेजर) के बीच किए जाने वाले मासिक सर्वेक्षण आईएचएस मार्किट मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई इंडेक्स (विनिर्माण पीएमआई) जनवरी में 55.3 अंक रहा, जो दिसंबर में 52.7 था। यह नए कारोबारी ऑर्डर में वृद्धि को बताता है। पीएमआई का यह 2012 से 2020 की अवधि में इसका सबसे ऊंचा स्तर है। इस बीच, शंघाई शेयर बाजार करीब 8 प्रतिशत टूट गया। इसके अलावा जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, हांगकांग का बाजार लाभ में रहा। उधर, यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरूआती कारोबार में तेजी का रुख रहा।






































