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केवाईसी रजिस्ट्रेशन एजेंसियों के जरिये KYC वेरिफिकेशन हुआ आसान, निवेशकों को होगी सुविधा, पढ़ें पूरी बात

 Published : May 15, 2024 05:20 pm IST,  Updated : May 15, 2024 05:20 pm IST

केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों के दायरे में सीएएमएस केआरए, बीएसई केआरए, एनएसई केआरए जैसी संस्थाएं आती हैं। नए आदेश के तहत केआरए को केवाईसी रिकॉर्ड हासिल होने के दो दिन के भीतर ग्राहक रिकॉर्ड के ब्योरे को वेरिफाई करने की जरूरत होती है जिसमें स्थायी खाता संख्या (पैन), नाम और पता शामिल है।

अमान्य दस्तावेज वाले व्यक्तियों को प्रतिभूति बाजार में कारोबार की अनुमति नहीं दी जाएगी।- India TV Hindi
अमान्य दस्तावेज वाले व्यक्तियों को प्रतिभूति बाजार में कारोबार की अनुमति नहीं दी जाएगी। Image Source : FILE

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने केवाईसी रजिस्ट्रेशन एजेंसियों (केआरए) के जरिये ‘अपने ग्राहक को जानिए’ (केवाईसी) रिकॉर्ड के वेरिफिकेशन के लिए जोखिम प्रबंधन ढांचे को आसान बनाने का फैसला किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से निवेशकों के लिए लेनदेन में आसानी सुनिश्चित की जा सकेगी। भाषा की खबर के मुताबिक, सेबी ने मंगलवार को जोखिम प्रबंधन प्रारूप को आसान बनाने से संबंधित आदेश जारी किया। नियामक ने दिशानिर्देश को आसान बनाते हुए अक्टूबर, 2023 के अपने सर्कुलर में संशोधन किया है। पिछले साल अक्टूबर में सत्यापन प्रक्रिया में एक बदलाव किया गया था जिससे राशन कार्ड, बिजली बिल या स्कैन किए गए आधार कार्ड जैसे पते के प्रमाण अमान्य हो गए थे।

नए ढांचे के तहत अब क्या होगा प्रावधान

खबर के मुताबिक, नए आदेश के तहत केआरए को केवाईसी रिकॉर्ड हासिल होने के दो दिन के भीतर ग्राहक रिकॉर्ड के ब्योरे को वेरिफाई करने की जरूरत होती है जिसमें स्थायी खाता संख्या (पैन), नाम और पता शामिल है। ऑनलाइन पहचान सत्यापन सेवा फर्म साइनजी के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अंकित रतन ने कहा कि नए ढांचे के तहत अब केआरए आधिकारिक डेटाबेस से पैन, नाम, पता, ईमेल और मोबाइल नंबर का सत्यापन कर सकते हैं। अगर ये डिटेल सही पाए जाते हैं, तो उन्हें सत्यापित रिकॉर्ड माना जाएगा।

तकनीकी बदलाव करने का काम सौंपा गया

संशोधित गाइडलाइंस के मुताबिक एक्सचेंजों, डिपॉजिटरी और संबंधित मध्यवर्ती इकाइयों को मई के आखिर तक अपनी प्रणाली में जरूरी तकनीकी बदलाव करने का काम सौंपा गया है। म्यूचुअल फंड कंपनियों, ब्रोकिंग फर्म और पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा प्रदाताओं को निवेशक डेटा गोपनीयता और सुरक्षा के लिए मजबूत अनुपालन उपकरण और जोखिम प्रबंधन ढांचे को लागू करना होगा। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि पहचान सत्यापन के बाद सभी निवेशक शामिल हो जाएं।

केवाईसी विवरण रखने के लिए जिम्मेदार हैं एजेंसियां

केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों के दायरे में सीएएमएस केआरए, बीएसई केआरए, एनएसई केआरए जैसी संस्थाएं आती हैं।  ये एजेंसियां ब्रोकर, एक्सचेंज और मध्यस्थों से जुटाई जानकारी के आधार पर व्यक्तियों के केवाईसी विवरण रखने के लिए जिम्मेदार हैं। आनंद राठी वेल्थ के उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी फिरोज अजीज ने कहा कि आधिकारिक डेटाबेस (पैन, आधार एक्सएमएल, डिजिलॉकर या एम-आधार पर आयकर विभाग डेटाबेस) के साथ केआरए द्वारा सत्यापित ग्राहक के रिकॉर्ड को ‘मान्य रिकॉर्ड’ माना जाएगा। वहीं अमान्य दस्तावेज वाले व्यक्तियों को प्रतिभूति बाजार में कारोबार की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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