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सरकारी बैंकों का आपस में विलय होने के बाद जानिए आपके जीवन पर क्‍या पड़ेगा असर

 Written By: Sarabjeet Kaur
 Published : Aug 31, 2019 04:39 pm IST,  Updated : Aug 31, 2019 04:39 pm IST

विलय की सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिस भी ग्राहक का इस विलय होने वाले बैंक में खाता, एफडी, निवेश, लोन चल रहा है तो उनके जीवन में कई बदलाव आ सकते हैं:

Know the effect on your life after the merger of government banks- India TV Hindi
Know the effect on your life after the merger of government banks Image Source : KNOW THE EFFECT ON YOUR L

नई दिल्‍ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को 10 सरकारी बैंको का आपस में विलय कर चार बड़े बैंक बनाने का ऐलान कर सबको चौंका दिया। अगर आपका इन 10 बैंकों में से किसी में भी खाता है या कोई लेना-देना है तो क्या आप जानते हैं कि इस विलय से आपके जीवन पर क्या असर पड़ सकता है?

क्या हो सकता है बदलाव:

विलय की सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिस भी ग्राहक का इस विलय होने वाले बैंक में खाता, एफडी, निवेश, लोन चल रहा है तो उनके जीवन में कई बदलाव आ सकते हैं:

  • बैंक के ग्राहक को विलय के बाद नया एकाउंट नंबर या नया कंस्टमर आईडी मिल सकता है। हर बैंक का कस्टमर आईडी और अकाउंट नंबर अलग होता है। जैसे कि कुछ बैंक 16 नंबर का अकाउंट नंबर रखते हैं और कुछ 12 नंबर का। तो हो सकता है नंबर में बदलाव आए।
  • कस्टमर को नया डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, चेक बुक जारी की जा सकती है।
  • जिस खाते से आप अपना टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं, हो सकता है आपको वो अपडेट करना पड़ जाए।
  • बचत खाते के नंबर में बदलाव से आपको अपना केवाईसी अपडेट करना पड़ सकता है। साथ ही म्यूचुअल फंड (MF) में निवेश, एसआईपी(SIP), एनपीएस (NPS) वाले खाते के नंबर को भी अपडेट करना पड़ सकता है, जिसके लिए आपको एक फॉर्म भर कर जानकारी देनी पड़ सकती है।
  • अगर आपने कोई निवेश किया है तो बैंक डिटेल्स के लिए आपको नया फॉर्म भरना होगा। लोन के लिए इएमआई (EMI) या एसआईपी (SIP) के लिए पैसे हर महीने जिस खाते से कटते है वो आपको अपडेट करना पड़ सकता है।
  • विलय के बाद बैंक के आईएफएससी (IFSC) कोड में बदलाव हो सकते हैं। आपको बैंक द्वारा नया आईएफएससी (IFSC) कोड प्राप्त हो सकता है।
  • कई पूराने ब्रांच बंद होकर नए बैंक ब्रांच खुल सकते हैं। ऐसा होने पर आपको नए ब्रांच में जाना पड़ सकता है।
  • याद रखिए की अगर आपने कोई लोन लिया है तो असके एससीएलआर(MCLR) में बदलाव भी हो सकता है। क्योंकि हर बैंक का अलग-अलग एमसीएलआर (MCLR) होता है।
  • लेकिन, जिस ब्याज पर आपने होम लोन, पर्सनल लोन, व्‍हीकल लोन लिया है, उसमें कोई बदलाव नही होगा।
  • नौकरी करने वाले लोगों को अपने नए सैलेरी अकाउंट को भी अपडेट करना पड़ सकता है।
  • साथ ही, इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि अगर आपने कोई एफडी (FD) या आरडी(RD) किया हुआ है तो उसका ब्याज बदल कर आएगा। जिस ब्याज पर आपने निवेश किया है उसमें कोई बदलाव नहीं होंगे।
  • सभी विलय किए हुए बैंक के नए सर्वर भी अपडेट होंगे।

जानिए किन बैंक का हुआ है विलय:

1.पंजाब नैशनल बैंक (एंकर बैंक) + ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स+ यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया

2.कैनरा बैंक (एंकर बैंक) + सिंडिकेट बैंक

3.यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (एंकर बैंक)+ आंध्रा बैंक+ कॉर्पोरेशन  बैंक

4.इंडियन बैंक (एंकर बैंक)+ इलाहाबाद बैंक

हर बैंक का कोर बैंकिंग सिस्टम अलग होता है, वर्जन अलग होता है, इसलिए विलय के बाद बैंक के लिए बदलाव जरूरी होंगे। लेकिन कस्टमर को परेशानी न हो इसलिए बैंक के सभी कार्य, कार्ड, नंबर, कोड विलय की पूरी प्रक्रिया होने के कुछ दिनों तक बैध रहेंगे। ध्यान रखें कि, अगर विलय के बाद फ्रॉड या किसी तरह की समस्या से जूझना पड़े तो किसी भी बैंक अधिकारी से संपर्क किए बिना बैंक से जुड़ा हुआ कोई भी कार्य नही करें।

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