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SBI ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी, होम लोन और रिटेल लोन वालों को 2 साल तक मिलेगा ईएमआई देने से छुटकारा

भारतीय स्टेट बैंक की ये सुविधा उन लोगों को मिलेगी, जिन्होंने 1 मार्च 2020 से पहले लोन लिया हुआ है और कोरोना के चलते लॉकडाउन की वजह से उनकी आमदनी प्रभावित हुई है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: September 22, 2020 10:40 IST
SBI offers up to 2 years repayment relief for home & retail loans- India TV Paisa
Photo:GADGETS NOW

SBI offers up to 2 years repayment relief for home & retail loans

नई दिल्‍ली। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्‍टेट बैंक (SBI) ने कोविड-19 से प्रभावित होम और रिटेल लोन ग्राहकों को राहत प्रदान करने की घोषणा की है। बैंक ने कहा कि उसके ग्राहक या तो 24 महीने तक मोराटोरियम का चुनाव कर सकते हैं या ईएमआई का रिश्‍यूड्यूलिंग और मोराटोरियम अवधि के बराबर अवधि को बढ़ाकर इसका फायदा उठा सकते हैं। भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर सीएस शेट्टी ने इस स्कीम की घोषणा करते हुए कहा कि रीस्ट्रक्चरिंग की अवधि इस बात पर निर्भर करेगी कि कोरोना से प्रभावित शख्स की आमदनी कब से शुरू हो सकती है या फिर कब तक वह दोबारा नौकरी पर लग सकते हैं।

भारतीय स्टेट बैंक की ये सुविधा उन लोगों को मिलेगी, जिन्होंने 1 मार्च 2020 से पहले लोन लिया हुआ है और कोरोना के चलते लॉकडाउन की वजह से उनकी आमदनी प्रभावित हुई है। हालांकि, कर्जदारों को ये साबित करना होगा कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से उनकी आमदनी प्रभावित हुई है। यानी ऐसा ना समझें कि हर ग्राहक इस सुविधा का फायदा उठा सकता है।

भारतीय स्टेट बैंक लोन रीस्ट्रक्चरिंग में सबसे आगे है, लेकिन आने वाले समय में अन्‍य सरकारी बैंकों सहित HDFC और ICICI जैसे बैंक भी लोन रीस्ट्रक्चरिंग की सुविधा दे सकते हैं। उम्मीद की जा सकती है कि यह बैंक इस महीने के आखिरी तक इस सुविधा की ओर जा सकते हैं। लोगों की लोन रीस्ट्रक्चरिंग की योग्यता को समझने के लिए भारतीय स्टेट बैंक ने एक ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया है।

ग्राहकों के आय के स्रोत की पूरी एनालिसिस के बाद बैंक ये पता लगाएगा कि एक ग्राहक को कितने दिनों तक मोराटोरियम की सुविधा दी जाए। बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुसार कर्जदारों को 6 महीने से लेकर 2 साल तक के मोराटोरियम की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा किसे 6 महीने के लिए मिलेगी और किसे ज्यादा दिन के लिए, ये एनालिसिस के बाद पता चलेगा।

जून के अनुसार बैंक के करीब 10 फीसदी लोन पर अभी मोराटोरियम सुविधा दी जा रही है और रजनीश कुमार का मानना है कि अधिक लोग लोन रीस्ट्रक्चर के लिए अप्लाई नहीं करेंगे। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि करीब 90 लाख लोग इस सुविधा का फायदा उठाना चाहेंगे। बता दें कि जो भी कॉरपोरेट या एमएसएमई लोन रीस्ट्रक्चर की सुविधा पाना चाहते हैं उन्हें बैंक की किसी ब्रांच में जाना होगा, वह ऑनलाइन यह सुविधा नहीं ले पाएंगे।

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