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मल्टी एसेट फंड बना निवेशकों की पहली पसंद, लेकिन इसमें निवेश से पहले इन 3 बातों का जरूर रखें ख्याल

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Dec 14, 2023 08:09 am IST,  Updated : Dec 14, 2023 08:09 am IST

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव से निवेशक हमेशा डरे हुए होते हैं। इसलिए आम निवेशक म्यूचुअल फंड का सहारा लेते हैं। हालांकि, कई म्यूचुअल फंड ने निवेशकों को निराश भी किया है। ऐसे में सही फंड का चयन करना बहुत जरूरी होता है।

Mutual Fund - India TV Hindi
म्यूचुअल फंड Image Source : FILE

भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी का दौर जारी है। स्टॉक मार्केट में तेजी से शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशकों को बंपर फायदा हो रहा है। इसके चलते म्यूचुअल फंड में भी निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ा है। हाल के महीनों में म्यूचुअल फंड में रिकॉर्ड निवेश हुआ है। हालांकि, बाजार में बड़ी तेजी के बाद करेक्शन का खतरा भी बढ़ गया है। इसके चलते एक संतुलित पोर्टफोलियो बनाने की सलाह एक्सपर्ट दे रहे हैं।  यही वह जगह है कि मल्टी एसेट म्यूचुअल फंड निवेशकों की पसंद बन कर उभरा है। 

एडवाइजर खोज के सह संस्थापक द्वैपायन बोस कहते हैं कि मल्टी एसेट फंड हाइब्रिड फंड हैं और सेबी के नियमों के मुताबिक, फंड हाउसों को अपने फंड का न्यूनतम 10% कम से कम तीन एसेट क्लास में निवेश करना होगा। इन तीन एसेट क्लास में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय इक्विटी, डेट और कमोडिटी का मिला जुला क्लास हो सकता है। इस तरह की रणनीति के लिए सभी एसेट क्लास में निवेश की जरूरत होती है। बाजार की अस्थिरता के बावजूद इस निवेश पर जोखिम कम होता है और निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलता है। 

मल्टी एसेट फंड के निवेशकों को इन 3 बातों को ध्यान में रखना चाहिए—

1. सबसे पहले प्रत्येक एसेट क्लास से शानदार रिटर्न पाने के लिए, सुनिश्चित करें कि फंड लेबल के अनुरूप है और एसेट आवंटन मिश्रण में बदलाव नहीं है। उदाहरण के तौर पर निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट फंड घरेलू और विदेशी इक्विटी, कमोडिटी और डेट में 50:20:15:15 के निवेश अनुपात को कभी नहीं बदला है। इस तरह का अनुशासित निवेश दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करता है कि निवेशक हमेशा लाभ में रहते हैं।

2. ऐसा फंड चुने जो अंतरराष्ट्रीय इक्विटी में भी निवेश करता हो। उदाहरण के लिए सुंदरम, इनवेस्को, निप्पॉन मल्टी एसेट फंड और एक्सिस जैसे अन्य मल्टी एसेट फंड भी वैश्विक बाजारों में निवेश करते हैं। 

3. मल्टी एसेट फंड में निवेश करने का तीसरा फायदा निवेशकों को मिलने वाला इंडेक्सेशन लाभ है। इंडेक्सेशन आपको फंड से ज्यादा प्राप्त करने में मदद करता है क्योंकि निवेश के मूल्य की गणना महंगाई जैसे कारकों को ध्यान में रखकर की जाती है और इससे आपको अधिक लाभ मिलता है।

कहां कितना मिला रिटर्न

पिछले एक साल में मल्टी एसेट फंड ने अच्छा रिटर्न दिया है। यूटीआई मल्टी एसेट एलोकेशन फंड ने एक साल में 24.64% का बंपर रिटर्न दिया है। एसबीआई मल्टी एसेट एलोकेशन फंड ने 22.07% का रिटर्न दिया है। निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट फंड 15.72% रिटर्न दिया है। इसके बाद मोतीलाल ओसवाल ने 13.85% और एचडीएफसी मल्टी एसेट फंड ने 13.74% रिटर्न दिया है। टाटा मल्टी एसेट फंड का रिटर्न इस दौरान 12.71% रहा है।

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