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ईमानदार करदाताओं को मिलेगा सम्‍मान,पीएम मोदी ने की पारदर्शी कराधान मंच की शुरुआत

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Aug 12, 2020 11:47 am IST,  Updated : Aug 13, 2020 11:25 am IST

प्रधानमंत्री पारदर्शी कराधान- ईमानदार का सम्मान के लिए जो प्लेटफॉर्म लॉन्च किया हैै वह प्रत्यक्ष कर सुधारों की यात्रा को और भी आगे ले जाएगा।

Prime Minister Narendra Modi launches the platform for “Transparent Taxation – Honoring The Honest- India TV Hindi
Prime Minister Narendra Modi launches the platform for Transparent Taxation – Honoring The Honest Image Source : ANI

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ईमानदारी से कर चुकाने वालों के लिए पारदर्शी कराधान- ईमानदार का सम्मान नामक एक मंच का शुभारंभ कि‍या। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर भी उपस्थित रहे।प्रधानमंत्री ने रदर्शी कराधान- ईमानदार का सम्मान के लिए जो प्‍लेटफॉर्म लॉन्च किया है वह प्रत्यक्ष कर सुधारों की यात्रा को और भी आगे ले जाएगा।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने हाल के वर्षों में प्रत्यक्ष करों में कई प्रमुख या बड़े कर सुधार लागू किए हैं। पिछले वर्ष कॉरपोरेट टैक्स की दर को 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत कर दिया गया एवं नई विनिर्माण इकाइयों के लिए इस दर को और भी अधिक घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया। लाभांश वितरण कर को भी हटा दिया गया।

बयान में बताया गया कि कर सुधारों के तहत टैक्‍स की दरों में कमी करने और प्रत्यक्ष कर कानूनों के सरलीकरण पर फोकस रहा है। आयकर विभाग के कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता लाने के लिए भी सीबीडीटी द्वारा कई पहल की गई हैं। लंबित कर विवादों का समाधान प्रदान करने के उद्देश्य से आयकर विभाग ने प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास अधिनियम, 2020 भी प्रस्‍तुत किया है, जिसके तहत वर्तमान में विवादों को निपटाने के लिए घोषणाएं दाखिल की जा रही हैं।

करदाताओं की शिकायतों व मुकदमों में प्रभावकारी रूप से कमी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न अपीलीय न्यायालयों में विभागीय अपील दाखिल करने के लिए आरंभिक मौद्रिक सीमाएं बढ़ा दी गई हैं। डिजिटल लेन-देन और भुगतान के इलेक्ट्रॉनिक मोड या तरीकों को बढ़ावा देने के लिए भी कई उपाय किए गए हैं और आयकर विभाग इन पहलों को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बयान के मुताबिक विभाग ने कोविड काल में करदाताओं के लिए अनुपालन को आसान बनाने के लिए भी कई तरह के प्रयास किए हैं, जिनके तहत रिटर्न दाखिल करने की वैधानिक समयसीमा बढ़ा दी गई है और करदाताओं के हाथों में तरलता या नकदी प्रवाह बढ़ाने के लिए तेजी से रिफंड जारी किए गए हैं।

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