गर्मी के मौसम में फूड पॉयजनिंग की समस्या बढ़ जाती है। यही वजह है कि इस मौसम में खाने-पीने की चीजों में सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। कई घरों में बासी चीजों को फेंकने के बजाय खाकर खत्म करने की प्रवृत्ति होती है जो कई बार फूड पॉइजनिंग की वजह बन जाती है। इसलिए बहुत जरूरी है कि मौसम के आधार पर हम कुछ चीजों के रखरखाव में बदलाव करें। फूड पॉइजनिंग होने पर थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। साथ ही उल्टी-दस्त, बुखार, पेट दर्द की शिकायत भी हो सकती है। लेकिन, इससे आपको घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर आप इससे अपना बचाव कर सकते हैं।
फूड पॉइजनिंग से बचाव के लिए ध्यान में रखें ये 10 जरूरी बातें
- खाना खाने की जगह और बर्तनों को साफ-सुथरा रखें।
- सूखे मसाल, अनाज में फंगस पनप सकते हैं। इसलिए इनके रखरखाव पर ध्यान दें।
- नमकीन, स्नैक्स, बिस्किट को हमेशा एयर टाइट डब्बों में हीं रखें। इन्हें गीले हाथ या चम्मच से न छुएं।
- डिब्बाबंद चीजों और खाद्य पदार्थों का एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। पुराने मसालों में फफूंद पड़ सकते हैं इसलिए इन्हें इस्तेमाल ना करें और एक्सपायरी होने पर फेंक दें।
- आटे या बेसन को एयर टाइट डिब्बों में रखें। अगर गूंधा हुआ आटा बच जाता है तो उसे फ्रिज में रखें और एक दिन के अंदर खा लें।
- टमाटर, तरबूज़, संतरा, दही, दूध आदि को फ्रीज में स्टोर करें।
- गर्मी के मौसम में बाहर का दही और चटनी खाने से बचें।
- चाकू को साफ करके ही इस्तेमाल करें। खाना खाने या बनाने से पहले और बाद में साबुन से हाथ धोएं।
- फ्रिज में कच्चे मांस को पके भोजन से दूर रखें। ऐसा करने पर बैक्टीरिया पके भोजन को प्रभावित कर सकते हैं।
- चॉपिंग बोर्ड, चकला-बेलन आदि लकड़ी के बने होते हैं जिन्हें धोकर अच्छी तरह से सुखाने के बाद रखें। ऐसा न करने पर नमी के कारण फंगस पनप सकते हैं।
फूड पॉयजनिंग होने पर क्या करें?
- फूड पॉयजनिंग होने पर एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू, नमक और शक्कर मिलाकर पीना चाहिए।
- अगर तकलीफ लगातार बढ़ रही हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।
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Disclaimer: यह जानकारी आयुर्वेदिक नुस्खों के आधार पर लिखी गई है। इंडिया टीवी इनके सफल होने या इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। इनके इस्तेमाल से पहले चिकित्सक का परामर्श जरूर लें।
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