हिचकी कभी-कभी आए तो उससे परेशान होने की जरूरत नहीं है, लेकिन लगातार और बार-बार आए तो कई बीमारियों का संकेत हो सकती है। बार-बार और लगातार हिचकी आने का कारण तनाव, निमोनिया, मस्तिष्क व पेट का ट्यूमर, पार्किसन, डायबिटीज और किडनी की बीमारी हो सकती है। कभी-कभी हिचकी आए तो उससे परेशान नहीं होइए, बल्कि घर में ही उसका उपचार करें। आइए जानते हैं हिचकी आने का कारण और उसका उपचार।
हिचकी आने का सबसे बड़ा कारण पेट और फेफड़े के बीच स्थित डायफ्राम और पसलियों की मांसपेशी में संकुचन है। डायफ्राम के सिकुड़न से फेफड़ा तेजी से हवा खींचने लगता है, जिसकी वजह से किसी को भी हिचकी आ सकती है। इसके अलावा खाना खाने या गैस के चलते पेट बहुत ज्यादा भरा हुआ महसूस होता है तब भी हिचकी आ सकती है। वैज्ञानिकों की माने तो पाचन या श्वास नली में अत्यधिक हलचल व गड़बड़ी से व्यक्ति को हिचकी आ सकती है। गर्म और मसालेदार खाना खाने से भी हिचकी आती है।
हिचकी आने पर करें ये घरेलू उपाय, मिलेगी राहत
पानी पीने से रूक जाती है हिचकी
जब भी आपको हिचकी आए तो फौरन पानी पीएं। हिचकी रोकने के लिए अपनी नाक बंद करें, इसके बाद पानी का एक बड़ा घूंट अपने मुंह में भरें और फिर पी लें। कुछ ही देर में हिचकी आनी बंद हो जाएगी
शहद से करें हिचकी का उपचार
Image Source : instagram/martabaranowska_mbpermanent शहद
हिचकी आने पर शहद का सेवन करने से हिचकी रूक जाती है। शहद नर्व सिस्टम को सही से काम करने में मदद करता है।
चीनी खाकर रोके हिचकी
चीनी को हिचकी का सबसे पुराना उपचार माना जाता है। जब कभी आपको हिचकी आए तो एक चम्मच चीनी को मुंह में लेकर टॉफ़ी की तरह चूंसे। ऐसा करने से हिचकी जल्दी रुक जाती है।
नींबू और चीनी भी हैं हिचकी का उपचार
अगर हिचकी वजह से दिल तेज तेज जोर से धड़कता तो नींबू और चीनी का इस्तेमाल करें। नींबू को दो भाग में काटें, एक भाग पर चीनी छिड़कें और उसे चूसें। चीनी को नींबू के साथ चूसने पर हिचकी जल्दी रूक जाती है।
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Disclaimer: यह जानकारी आयुर्वेदिक नुस्खों के आधार पर लिखी गई है। इंडिया टीवी इनके सफल होने या इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। इनके इस्तेमाल से पहले चिकित्सक का परामर्श जरूर लें।
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