ठंड के मौसम में लोग हरी मटर को बहुत शौक के साथ खाते हैं। सर्दियों के मौसम में हरी मटर से बने परांठे, चाट और विभिन्न प्रकार की सब्जियां ना केवल थाली की रौनक बढ़ाती हैं बल्कि, इस सब्जी के सेवन से पोषण ही बढ़ता है। हरी मटर में विटामिन A, E, D, और C भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। मटर खाने से ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर कंट्रोल में रहता है। ये शरीर को कई फायदे होते हैं, लेकिन मटर के अधिक सेवन से कई समस्याएं भी हो सकती हैं। चलिए हम आपको बताते हैं इसके साइड इफेक्ट के बारे में।
शरीर में बढ़ जाता है विटामिन के-
विटामिन के से हड्डियां तो स्वस्थ रहती हैं, लेकिन अगर अधिक मात्रा में विटामिन के शरीर में मौजूद हो तो यह न केवल खून को पतला करता है। बल्कि प्लेटलेट्स को भी कम कर देता है। इसके अलावा घाव भरने और टिशू के जल्दी रिपेयर होने में भी बाधा उत्पन्न कर सकता है। साथ ही ऐसे लोग जिनका पेट संवेदनशील है, पेट में अल्सर है, रक्त के थक्के बनते हैं, थ्रोम्बोफ्लिबिटिस जैसी दिक्कतें हैं उन लोगों के लिए भी मटर का सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
सूजन की हो सकती है दिक्कत-
मटर के ज्यादा सेवन से पेट में दर्द और सूजन की समस्या हो सकती है। इससे गैस की प्रॉब्लम हो सकती है। मटर में बहुत ज्यादा कार्बोहाइड्रेट होता है। ज्यादा मात्रा में मटर खाने से ये आसानी से नहीं पचता और मटर में मौजूद लेक्टिन पेट में सूजन को बढ़ाने का काम करता है। अधिक मात्रा में मटर के सेवन से डायरिया की समस्या भी हो सकती है।
डायरिया का कर सकते हैं सामना-
ज्यादा मटर खाने से डायरिया की दिक्कत हो सकती है। इसके सेवन से इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम और डायरिया की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इनमें प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है। ऐसे में अगर हरी मटर का सेवन ब्राउन राइस और सोया जैसे उत्पादों के साथ किया जाए तो इससे पेट की शक्ति बेहतर हो जाती है, जिससे मटर के दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है।
वजन बढ़ाती है मटर-
हरी मटर खाने से बॉडी फैट बढ़ सकता है।मटर में मौजूद प्रोटीन और कार्ब्स आपके वजन और मोटापे में भी इजाफा कर सकता है। ऐसे में हरी मटर को अच्छी तरह पकाएं। साथ ही इसे पकाने से पहले इसे कुछ देर के लिए भिगोकर भी रखें।
बढ़ सकती है गठिया की समस्या-
मटर में विटामिन डी होता है जो हड्डियों के लिए जरूरी है, लेकिन इसे बहुत ज्यादा मात्रा में खाने से कैल्शियम का लेवल कम होने लगता है और यूरिक एसिड बढ़ने लगता है। यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है। ये
हड्डियों को कमजोर करता है। इसीलिए गठिया के मरीज इसका अधिक सेवन न करें।
हरी मटर में एंटी न्यूट्रीएंट भी शामिल-
मटर के अंदर फाइटिक एसिड और लेक्टिन्स जैसे एंटी न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। यह शरीर में पोषक तत्वों को मिलने में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं, जिसकी वजह से शरीर में जिंक, आयरन, और मैग्नीशियम की कमी हो सकती है। इसकी वजह से व्यक्ति कुपोषित भी हो सकता है। साथ ही यह आंत के अच्छे बैक्टीरिया के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है।
Disclaimer: यह जानकारी आयुर्वेदिक नुस्खों के आधार पर लिखी गई है। इंडिया टीवी इनके सफल होने या इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। इनके इस्तेमाल से पहले चिकित्सक का परामर्श जरूर लें।
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