दुनिया भर में माइग्रेन के रोगी तेज़ी से बढ़ रहे हैं। आजकल की जीवनशैली की बात करें तो लोगों को हर छोटी छोटी बातों पर तनाव महसूस होता है। देखा जाए तो सिर्फ बड़ों में ही नहीं पर बच्चों में भी माइग्रेन की समस्या सामने आ रही है। वैसे तो तनाव की वजह से थोड़ी देर के लिए सिर दर्द करना स्वाभाविक है पर जब वही दर्द हद से ज्यादा बढ़ जाए और लगातार बना रहे तो उसे नज़रंदाज़ न कीजिये क्योंकि यही दर्द माइग्रेन भी हो सकता है। कुछ लोग माइग्रेन को अधकपारी औऱ आधासीसी भी कहते हैं क्योंकि माइग्रेन में सिर के आधे हिस्से में ही दर्द महसूस होता है।
क्या है माइग्रेन?
माइग्रेन होने पर इंसान के आधे सिर में बहुत चुभन भरा दर्द महसूस होता है। यह दर्द कुछ दिनों से लेकर कई दिनों तक बना रह सकता है। इसके साथ उल्टी, जी मचलना और गैस की कई समस्याओं के साथ तेज़ रोशनी और शोर से भी परेशानी होती है।
माइग्रेन से बचने के लिए के लिए कुछ सरल और घरेलू उपाय हैं। इन्हें आज़माकर आप माइग्रेन के दर्द से छुटाकारा पाया जा सकता है।
1) ज्यादा रोशनी और शोर से दूर रहें: अगर आपको माइग्रेन का दर्द हो रहा है तो ज्यादा रोशनी और शोर शराबे वाली जगह से तुरंत दूर हो जाएं। कोशिश करें कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल न करें क्योंकि इससे दर्द और बढ़ता है। टीवी न देखें और अंधेरे में रहने की कोशिश करें। इससे आंखों की नर्व्स को आराम मिलेगा तो माईग्रेन कम होगा।
2) कुछ भी चबाने की कोशिश न करें: माइग्रेन के दर्द के समय हो सके तो ज्यादा न बोलें और कुछ भी चबाने से बचें। क्योंकि इससे शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव बढ़ता है।
3) माइग्रेन के दर्द के समय बिल्कुल भी प्यासे न रहें और पानी पीते रहें क्योंकि ये आपको डीहाइड्रेट कर सकता है और इससे सिर का दर्द बढ़ जाता है।
4) अपने सिर, माथे और गर्दन पर आइस पैक रखने से आपके शरीर में खून का बहाव कम होता है। जिसकी वजह से आपको माइग्रेन के दर्द से जल्दी छुटकारा मिल जाता है। इसके साथ ही अपने पैरों को पानी में डाले रखने से भी माइग्रेन में काफी आराम मिलता है।
5) अदरक और नींबू दोनों ही तनाव दूर करने में अहम भूमिका निभाते हैं। अदरक का रस और नींबू के रस का इस्तेमाल माइग्रेन में किया जा सकता है। साथ ही अदरक की चाय पीना भी माइग्रेन में बेहतर इलाज साबित हो सकती है।