पीएम नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया में होने वाली जी20 समिट में हिस्सा लेंगे। यह समिट 15 से 16 नवंबर तक बाली में आयोजित की जाएगी। इस दौरान पीएम मोदी विभिन्न देशो के राष्ट्राध्यक्षों के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। वे कई देशों के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इंडोनेशिया के बाली में होने जा रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन ने पहले ही कह दिया था कि वह अपनी शर्तों पर पुतिन से मिलेंगे। इस शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग भी पहुंच रहे हैं।
आरबीआई क्रिप्टोकरेंसी को लेकर चिंता व्यक्त कर चुका है। आरबीआई का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी से गलत काम को बढ़ावा मिलेगा।
G-20 in Bali: G-20 देशों की बैठक में वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के प्रमुखों ने उन अन्य वैश्विक चुनौतियों पर सहमति व्यक्त की, जो युद्ध के कारण और खराब हुई हैं। इन चुनौतियों में दशकों की उच्च मुद्रास्फीति और खाद्य असुरक्षा शामिल है, जो इस युद्ध से और भयानक हो गई है।
Russia-Ukraine War: इंडोनेशिया के बाली में चल रहे G-20 देशों की बैठक में दुनिया के शीर्ष देशों ने रूस-यूक्रेन के वैश्विक प्रभावों पर चिंता जताई। इस युद्ध से पैदा हुए खाद्य सामग्री और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।
भारत इस साल दिसंबर में जी-20 समूह की अध्यक्षता ग्रहण करेगा और अगले साल देश में कई स्तरों पर काफी संख्या में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
ब्लिंकन ने चीन पर ‘नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश’ करने का आरोप लगाया था।
G-20 in JK: जी-20 के नेताओं की अगले साल होने वाली बैठक जम्मू कश्मीर में आयोजित होने की खबर है। भारत की इस योजना की खबर को लेकर चीन ने गुरुवार को विरोध जताया है।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता आसिम इफ्तिखार अहमद ने एक बयान में कहा कि इस्लामाबाद ने भारतीय मीडिया में आ रहीं उन खबरों पर संज्ञान लिया है जिनमें संकेत है कि भारत जी-20 की कुछ बैठकें जम्मू कश्मीर में करने पर विचार कर सकता है।
G-20 Summit: पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर प्राप्त विशेष की समाप्ति और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किये जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में आयोजित होने वाला यह पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन होगा।
महामारी की उत्पत्ति के बारे में अधिक जानकारी देने को लेकर चीन पर भारी दबाव रहा है और उस पर महामारी के कुप्रबंधन तथा अपनी गलतियों को छिपाने की कोशिश करने का आरोप लगाया जाता रहा है।
विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला ने बताया कि पीएम मोदी ने लचीली वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की जरूरत पर जोर दिया और भारत के कड़े आर्थिक सुधारों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच जी20 ओआरजी शिखर सम्मेलन से इतर सार्थक चर्चा। भारत और फ्रांस विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक सहयोग कर रहे हैं।
रोम की यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के न्योते पर ब्रिटेन के ग्लासगो जाएंगे।
पीएम मोदी की इटली की आगामी यात्रा कोरोना वायरस प्रकोप के बाद से उनकी पहली यूरोप यात्रा है, जिसकी योजना पहले बनाई गई थी, लेकिन महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी।
वित्त मंत्री जी 20 के वित्त मंत्रियों और केन्द्रीय गवर्नरों की बैठक में शामिल हुईं। बैठक इटली की अध्यक्षता में हुई थी