रोम: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को रोम में जी20 शिखर सम्मेलन में भारत के ‘एक धरती, एक स्वास्थ्य’ दृष्टिकोण के बारे में बात की। विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में भारत के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने लचीली वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की जरूरत पर भी जोर दिया। श्रृंगला ने बताया, 'उन्होंने भारत को आर्थिक सुधार, आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण में अपना भागीदार बनाने के लिए जी-20 देशों को आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि हम अगले साल के अंत तक टीके की पांच अरब से अधिक खुराक का उत्पादन करने के लिए तैयार हैं, यह न केवल हमारे लिए बल्कि दुनिया के लिए उपलब्ध होगा।’ बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन समेत दुनिया के कई अन्य नेताओं से संवाद भी किया।
G20 Summit: पीएम मोदी ने जो बाइडेन समेत विश्व के कई नेताओं से की मुलाकात, देखिए तस्वीरें
‘पीएम ने वन अर्थ वन हेल्थ विजन पर बात की’
श्रंगला ने बताया, ‘पीएम मोदी ने कहा कि हमें विश्वास है कि डब्ल्यूएचओ द्वारा कोवैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी से हमारे लिए अन्य देशों की मदद करने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने जी-20 के पहले सत्र 'वैश्विक अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्वास्थ्य' में कोविड से लड़ाई में भारत के योगदान पर बात की। उन्होंने भारत द्वारा 150 से ज्यादा देशों में मेडिकल सप्लाई को हाईलाइट किया। उन्होंने भारत के 'वन अर्थ वन हेल्थ' विजन पर बात की। इसका जी-20 में विश्व के नेताओं ने स्वागत किया।’
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