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कोरोना महामारी के बीच Startup बने देश के लिए नई उम्मीद, 180 दिनों में लिस्‍ट हुए 10,000 स्टार्टअप

Edited by: India TV Paisa Desk Published : Jun 04, 2021 11:55 am IST, Updated : Jun 04, 2021 11:55 am IST

पिछले 10,000 स्टार्टअप को जोड़ने में केवल 180 दिन लगे। जबकि योजना जब शुरू हुई थी, उस वक्त 808 दिन में 10,000 स्टार्टअप जुड़ पाए थे।

50000 startups recognised by DPIIT- India TV Paisa
Photo:FILE PHOTO

50000 startups recognised by DPIIT

नई दिल्‍ली। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने अब तक 50,000 स्टार्टअप को मान्यता दी है। गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। स्टार्टअप इंडिया की शुरूआत 16 जनवरी, 2016 को की गई थी। यह सरकार की एक प्रमुख पहल है। इस पहल का उद्देश्य स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना और भारत में नवोन्मेष तथा उद्यमिता के लिए एक मजबूत एवं समावेशी परिवेश का निर्माण करना है। मान्यता प्राप्त स्टार्टअप विधि, नियमन, राजकोषीय और बुनियादी ढांचा समर्थन समेत अन्य लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र होते हैं।

विशेष रूप से अहम बात यह है कि पिछले 10,000 स्टार्टअप को जोड़ने में केवल 180 दिन लगे। जबकि योजना जब शुरू हुई थी, उस वक्त 808 दिन में 10,000 स्टार्टअप जुड़ पाए थे। योजना के पहले वर्ष 2016-2017 में 743 स्टार्टअप्स को मान्यता दी गई थी। वहीं वर्ष 2020-2021 में अकेले 16,000 से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता प्राप्त हुई है जो कि स्टार्टअप की तेजी को दर्शाता है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि तीन जून, 2021 की स्थिति के अनुसार डीपीआईआईटी ने विभिन्न क्षेत्रों में 50,000 स्टार्टअप को मान्यता दी है। इसमें 19,896 को एक अप्रैल, 2020 से मान्यता दी गई है। इसमें कहा गया है कि स्टार्टअप इंडिया पहल की शुरूआत के साथ मान्यता प्राप्त स्टार्टअप 623 जिलों में फैले हैं। प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में कम-से-कम एक स्टार्टअप जरूर हैं। 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने उनकी मदद के लिए स्टार्टअप नीतियों की घोषणा की है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और गुजरात में सर्वाधिक संख्या में स्टार्टअप हैं।

बयान के अनुसार मान्यता प्राप्त स्टार्टअप ने रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कुल 48,093 स्टार्टअप ने 5,49,842 नौकरियां सृजित की हैं। यह औसतन 11 कर्मचारी प्रति स्टार्टअप बैठता है। अकेले 2020-2021 में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप द्वारा लगभग 1.7 लाख नौकरियां सृजित की गईं। जिन क्षेत्रों में सर्वाधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं, उसमें खाद्य प्रसंस्करण, आईटी परामर्श और व्यापार मदद से जुड़ी सेवा वाले क्षेत्र शामिल हैं।

डीपीआईआईटी के जरिए स्टार्टअप इंडिया ने हमारी स्टार्टअप अर्थव्यवस्था के लिए पहचाने गए प्रमुख क्षेत्रों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 10,000 करोड़ रुपये के फंड ऑफ फंड्स स्कीम और 945 करोड़ रुपये के स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (एसआईएसएफएस) के जरिए स्टार्टअप्स के लिए पूंजी जुटाने के अवसर बढ़े हैं। डीपीआईआईटी द्वारा तैयार की गई और उसके द्वारा क्रियान्वित कई कार्यक्रम जैसे राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार, राज्य रैंकिंग फ्रेमवर्क, वैश्विक वीसी शिखर सम्मेलन, प्रारंभ: स्टार्टअप इंडिया अंतरराष्ट्रीय सम्मलेन ने स्टार्टअप के पारिस्थितिकी तंत्र में कई भागीदारों के साथ जुड़ने, उनके योगदान के लिए मान्यता देने और उस कार्य को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया है।

 

 

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