नयी दिल्ली। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस (आईबीएचएफएल) को उसके म्यूचुअल फंड व्यवसाय को 175 करोड़ रुपये में ग्रोव को बेचने की भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) से मंजूरी मिल गई है। इंडिया बुल्स की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगियों -इंडिया बुल्स एसेट मैनेंजमेंट कंपनी लिमिटेड (आईएएमसीएल) और इंडियाबुल्स ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (आईटीसीएल) ने इस साल मई में नेक्स्टबिलियन टैक्नालॉजी (ग्रोव) के साथ म्यूचुअल फंड व्यवसाय की बिक्री के लिये पक्का समझौता किया था।
Related Stories
यह सौदा इन दोनों अनुषंगियों द्वारा किया जायेगा। पंआईबीएचएफएल ने एक नियामकीय सूचना में कहा है, ‘‘इसी समझौते पर आगे भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने नौ सितंबर 2021 को भेजे एक संदेश पत्र में सौदे को मंजूरी दे दी।’’ कंपनी ने कहा है कि म्यूचुअल फंड व्यवसाय को बेचने के पीछे उसका मकसद अपने खुदरा रियल एस्टेट संपति प्रबंधन व्यवसाय पर ध्यान देना है।
म्यूचुअल फंड उसका मूख्य कारोबारी क्षेत्र नहीं है। ग्रोव ने अपना वित्तीय सेवाओं का कारोबार मई 2016 में शुरू किया था। बेंगलूरू मुख्यालय वाली इस कंपनी को टाइगर ग्लोबल, सेक्यूआ कैपिटल इंडिया, वाई कांबिनेटर और रिब्बिट कैपिटल जैसे निवेशकों का समर्थन प्राप्त है। कंपनी भारत के 900 से अधिक शहरों में डेढ करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं को सेवायें देती है।