Monday, March 02, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. लोकसभा ने कंपनी संशोधन विधेयक को मंजूरी प्रदान की

लोकसभा ने कंपनी संशोधन विधेयक को मंजूरी प्रदान की

Written by: India TV Paisa Desk Published : Sep 19, 2020 11:01 pm IST, Updated : Sep 19, 2020 11:01 pm IST

लोकसभा ने शनिवार को 'कंपनी (संशोधन) विधेयक-2020' को मंजूरी प्रदान की जिसके तहत कुछ अपराधों को आर्थिक जुर्म की श्रेणी से बाहर निकाला गया है। 

Parliament of India, Lok Sabha, passes, bill to amend companies law- India TV Paisa
Photo:FILE PHOTO

Parliament of India 

नयी दिल्ली। लोकसभा ने शनिवार को 'कंपनी (संशोधन) विधेयक-2020' को मंजूरी प्रदान की जिसके तहत कुछ अपराधों को आर्थिक जुर्म की श्रेणी से बाहर निकाला गया है। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि गंभीर किस्म के आपराध आर्थिक जुर्म की श्रेणी में पहले की तरह बने रहेंगे। निर्मला सीतारमण ने कहा कहा कि इस अधिनियम के दायरे में सिर्फ बड़ी कंपनियां नहीं, बल्कि छोटे-छोटी कंपनियां भी हैं। उन्होंने कहा कि ‘गैर-समाधेय (नॉन कंपाउंडेबल) अपराधों को आर्थिक जुर्म की श्रेणी से बाहर नहीं रखा गया है। इस तरह के अपराधों की संख्या 35 थी और आज भी यही रहेगी। 

कोरोना संकट के समय गरीबों के बजाय सूट-बूट वालों को मदद दी जा रही- कांग्रेस

'कंपनी (संशोधन) विधेयक-2020' पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के नेता मनीष तिवारी ने आरोप लगाया कि कोरोना संकट के समय गरीबों के बजाय सूट-बूट वालों को मदद दी जा रही है। इससे साबित होता है कि इस सरकार की प्राथमिकताएं कतार के आखिरी आदमी के लिए नहीं, बल्कि पूंजीपतियों के लिए हैं। उन्होंने कहा कि यह विधेयक और पिछले दिनों लोकसभा से पारित किए गए कृषि संबंधी विधेयकों का मकसद बड़े बड़े औद्योगिक घरानों को खेती और किसानी में आमंत्रित करना है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार की मंशा है कि कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) को कमजोर किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो डर का माहौल पैदा किया कि उससे अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई और अब सुधार का जो प्रयास कर रही है उसमें वह स्थिति खराब कर देगी। 

संशोधन विधेयक से कारोबारी सुगमता को बढ़ावा मिलेगा- भाजपा

चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से सरकार ने साबित किया है कि वह मुश्किल समय में भी प्रभावी कदम उठाती है। उन्होंने कहा कि विधेयक को तैयार करने की प्रकिया में सभी संबंधित पक्षों से विस्तृत चर्चा की गई। अपराजिता ने कहा कि इस संशोधन विधेयक से कारोबारी सुगमता को बढ़ावा मिलेगा और निवेशकों का विश्वास भी बढ़ेगा। भाजपा सदस्य ने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से सीएसआर से जुड़ी पहल को बल मिलेगा। 

सरकार को सीएसआर में ज्यादा पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए- तृणमूल कांग्रेस

तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय ने कहा कि सरकार को सीएसआर में ज्यादा पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के कोटागिरी श्रीधर ने कहा कि आंध्र प्रदेश को बकाये की राशि प्रदान की जाए। शिवसेना के अरविंद सावंत ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि स्टार्ट अप पर इतना बड़ा निवेश हुआ है तो परिणाम क्या निकला है। 

बसपा सांसद मलूक नागर ने कहा कि सरकार ने कोरोना संकट के समय कारोबार को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए हैं क्योंकि इस वक्त लोगों को नौकरियों की जरूरत है। कांग्रेस के गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार से यह पूछना चाहिए कि वह कारपोरेट जगत को कितनी सुविधाएं देगी। जदयू के दिनेश्वर कामत, बसपा के दानिश अली और कुछ अन्य नेताओं ने चर्चा में भाग लिया। 

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement