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विधानसभा चुनावों के दौरान लोगों के हाथ में आया ज्यादा पैसा, बैंकों में जमा राशि घटी

 Written By: Surbhi Jain
 Published : Apr 05, 2016 07:10 pm IST,  Updated : Apr 05, 2016 07:10 pm IST

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आज क्रेडिट पॉलिसी की समीक्षा के बाद कहा कि पांच राज्यों में मौजूदा विधानसभा चुनाव लोगों के हाथ में नकदी बढ़ने की एक वजह है।

विधानसभा चुनावों के दौरान लोगों के हाथ में आया ज्यादा पैसा, बैंकों में जमा राशि घटी- India TV Hindi
विधानसभा चुनावों के दौरान लोगों के हाथ में आया ज्यादा पैसा, बैंकों में जमा राशि घटी

मुंबई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आज क्रेडिट पॉलिसी की समीक्षा के बाद कहा कि पांच राज्यों में मौजूदा विधानसभा चुनाव लोगों के हाथ में नकदी बढ़ने की एक वजह है। लेकिन रिजर्व बैंक अभी इस मामले का अच्छी तरह अध्ययन कर रहा है। आंकड़ों के अनुसार मुद्रा परिचालन 48 प्रतिशत बढ़ा है जबकि बैंक में जमाओं में कमी आई है। गवर्नर रघुराम राजन ने कहा, चुनाव के आस-पास लोगों के पास नकदी आम तौर पर बढ़ जाती है। बिना कोई वजह बताए उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ऐसा क्यों है, हम भी अंदाजा लगा सकते हैं। पिछले चुनावों में पैसे के बदले वोट के आरोप लग चुके हैं और चुनावी अभियानों के दौरान चुनाव अधिकारी तथा सरकारी एजेंसियां द्वारा भारी मात्रा में गैरकानूनी राशि पकड़े जाने की खबरें आती रहती हैं। असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुदुचेरी केंद्र शासित क्षेत्र में चुनाव प्रक्रिया चल रही है। असम और पश्चिम बंगाल में कल पहले चरण का मतदान हुआ। राजन ने कहा, न सिर्फ उन राज्यों में नकदी का चलन बढ़ता दिखता जहां चुनाव हो रहे हैं बल्कि पड़ोसी राज्यों में यह स्थिति होती है। कुछ जिसे हमें समझने की जरूरत है।

साथ ही राजन ने एक और अहम बात कही। उन्होंने कहा कि बड़े कर्ज के बारे में जल्द ही एर खाका रिजर्व बैंक की ओर से जारी किया जाएगा। बैंकों के फंसे कर्ज से चिंतित भारतीय रिजर्व बैंक, बैंकों की ओर से कंपनियों को बड़े कर्ज या कर्जों पर दिशानिर्देशों के खाके का मसौदा शीघ्र ही जारी करेगा। उन्होंने कहा कि बड़े कर्ज देने की व्यवस्था एवं बाजार व्यवस्था के माध्यम से रिण की आपूर्ति की प्रणाली शीर्षक परामर्श पत्र पर भागीदारों की टिप्पणियों व सुझावों को ध्यान में रखते हुए नया परामर्श पत्र जारी किया जाएगा। यह पत्र 30 अप्रैल 2016 तक जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में स्टार्ट अप को बढावा देने के लिए केंद्रीय बैंक विलंबित भुगतान के संबंध में भी नियम जारी करेगा।

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