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टेलीकॉम कंपनियों को है स्‍पेक्‍ट्रम मूल्‍य कम होने की उम्‍मीद, लगातार हो रही है NDCP में किए वादों को पूरा करने की मांग

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Oct 12, 2020 12:43 pm IST,  Updated : Oct 12, 2020 12:43 pm IST

दूरसंचार ऑपरेटर सरकार से इस नीति के तहत दो साल पहले किए गए वादों के अनुरूप शुल्कों में कटौती तथा स्पेक्ट्रम के मूल्य को तार्किक बनाने की मांग कर रहे हैं।

Telcos still hopeful of reduction in spectrum price, doing regular follow-up on NDCP- India TV Hindi
Telcos still hopeful of reduction in spectrum price, doing regular follow-up on NDCP Image Source : TECH OUTLOOK

नई दिल्‍ली। रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया सहित सभी टेलीकॉम कंपनियों को अगले दौर की स्‍पेक्‍ट्रम नीलामी के लिए स्पेक्ट्रम के आधार मूल्य में अब भी कटौती की उम्मीद है। उद्योग संगठन सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने यह बात कही है। हालांकि, डिजिटल संचार आयोग (डीसीसी) बिक्री के लिए पेश किए जाने वाले स्पेक्ट्रम के लिए कुल 5.22 लाख करोड़ रुपए की न्यूनतम कीमत तय कर चुका है।

सीओएआई के महानिदेशक एसपी कोचर ने कहा कि उद्योग संगठन सरकार द्वारा राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति (एनडीसीपी)-2018 में किए गए वादों को लेकर नियमित आधार पर जानकारी हासिल कर रहा है। सीओएआई के सदस्यों में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। दूरसंचार ऑपरेटर सरकार से इस नीति के तहत दो साल पहले किए गए वादों के अनुरूप शुल्कों में कटौती तथा स्पेक्ट्रम के मूल्य को तार्किक बनाने की मांग कर रहे हैं।

दूरंसचार विभाग के निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय डीसीसी ने मई में स्पेक्ट्रम नीलामी की योजना को मंजूरी दी थी, जिसपर केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी ली जानी है। हालांकि, दूरसंचार विभाग अबतक अगले दौर की स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए अधिसूचना जारी नहीं कर पाया है। नीलामी के इस दौर में 5.22 लाख करोड़ रुपए के स्पेक्ट्रम की बिक्री की जाएगी। कोचर ने कहा कि डीसीसी की बैठक के बाद काफी पानी बह चुका है। सरकार के समक्ष कई तर्कसंगत दलीलें रखी गई हैं। सरकार ने हमारी दलीलों को खारिज नहीं किया है। न ही सरकार की ओर से मूल्य को लेकर कोई नोटिस जारी किया गया है।

दूरसंचार विभाग को अब स्पेक्ट्रम नीलामी की मंजूरी के लिए लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास जाना है। हालांकि, विभाग का अगला कदम क्या होगा यह अभी स्पष्ट नहीं है। दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रिलायंस जियो ने वार्षिक स्पेक्ट्रम नीलामी की नीति को रोकने को लेकर विभाग से सवाल किया है। जियो का कहना है कि देश में डेटा सेवाओं की मांग को पूरा करने के लिए स्पेक्ट्रम नीलामी जल्द आयोजित की जानी चाहिए। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली जियो ने 28 सितंबर को दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि स्पेक्ट्रम खाली पड़ा रहने से मोबाइल सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीर मुद्दे पैदा हो सकते हैं और इससे सरकार को भी राजस्व का नुकसान होगा।

जियो का कहना है कि 3.92 लाख करोड़ रुपए का स्पेक्ट्रम खाली पड़ा है। वहीं भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया का स्पेक्ट्रम नीलामी के समय को लेकर कुछ अलग विचार है। कोचर ने कहा कि कंपनियां नीलामी में भाग लेने का निर्णय अपनी जरूरत के हिसाब से करेंगी। उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों पर मतभेद अभी जारी रहेंगे।

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