इससे पहले, 31 दिसंबर 2025 को कैबिनेट ने वोडाफोन आइडिया को बड़ी राहत दी थी। तब कंपनी की ₹87,695 करोड़ AGR देनदारी फ्रीज कर दी गई थी, और भुगतान योजना FY32 से FY41 तक तय की गई थी।
टेलिकॉम सेक्टर की निगाहें बुधवार को Vodafone Idea (Vi) पर टिकी थीं, जब कैबिनेट ने कंपनी के लिए बड़ा फैसला लिया। केंद्रीय कैबिनेट ने Vi के लिए पांच साल का मोरेटोरियम मंजूर किया, जिसके तहत कंपनी का एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाया ₹87,695 करोड़ पर स्थगित कर दिया गया।
वोडाफोन आइडिया ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसका एकीकृत परिचालन राजस्व 2.4 प्रतिशत बढ़कर 11,195 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 10,932.2 करोड़ रुपये था।
वोडाफोन आइडिया के वकील ने सुप्रीट कोर्ट से कहा कि पिछले आदेश के छठे पैरा में त्रुटि हुई है, जिसमें कहा गया था कि कंपनी ने सिर्फ अतिरिक्त एजीआर देनदारी के लिए राहत मांगी है।
अक्टूबर-दिसंबर 2024 के लिए भारतीय दूरसंचार सेवा प्रदर्शन संकेतकों के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियों का समायोजित सकल राजस्व (AGR) सालाना आधार पर 14.89 प्रतिशत बढ़कर 77,934 करोड़ रुपये हो गया।
विश्लेषकों के मुताबिक सरकार द्वारा बकाया राशि को इक्विटी में बदलने से निकट अवधि में वीआईएल को राहत मिली है, लेकिन उसके लिए संरचनात्मक चुनौतियां बनी हुई हैं।
सरकार को ये छूट देते हुए सेबी ने कहा कि फिलहाल भारत सरकार का कंपनी के मैनेजमेंट या बोर्ड में भाग लेने का कोई इरादा नहीं है और टेलीकॉम कंपनी के कंट्रोल में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके अलावा, ऐसी होल्डिंग को पब्लिक शेयरहोल्डिंग के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।
पिछले हफ्ते शुक्रवार को 6.81 रुपये के भाव पर बंद हुए वोडाफोन आइडिया के शेयर आज सीधे 10 प्रतिशत की उछाल के साथ 7.49 रुपये के भाव पर खुले थे। कंपनी के शेयरों का भाव अभी भी 52 वीक हाई से काफी नीचे है।
स्पेक्ट्रम बकाया को इक्विटी में बदलने से वोडाफोन आइडिया का कुल लोन लगभग 18 प्रतिशत कम हो जाएगा। सरकार की कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाकर 48.99% हो जाएगी।
वोडाफोन आइडिया ने कहा कि उसे भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) और अन्य अथॉरिटी से जरूरी आदेश जारी होने के बाद 30 दिनों के भीतर 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 3695 करोड़ इक्विटी शेयर 10 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी करने का निर्देश दिया गया है।
कंपनी के मुताबिक, साल 2024 तक, समूह का बैंकों से बकाया ऋण 2,345 रुपये है। समूह की कुल बकाया राशि 2.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
वोडाफोन आइडिया के सीईओ अक्षय मूंदड़ा ने कहा कि कंपनी निवेश बढ़ा रही है और आने वाली तिमाहियों में पूंजीगत व्यय की गति में तेजी आने वाली है।
वोडाफोन आइडिया के निदेशक मंडल की एक बैठक 9 दिसंबर 2024 को होने वाली है। इसमें अन्य बातों के साथ ही वोडाफोन ग्रुप से संबंधित एक या अधिक संस्थाओं को तरजीही आधार पर इक्विटी शेयर और/या परिवर्तनीय प्रतिभूतियां जारी करके 2,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
सीईओ अक्षय मूंदड़ा ने कहा कि जहां एक तरफ नई टेक्नोलॉजी के उभार का समर्थन करने और डेटा डेवलपमेंट का समर्थन करने के लिए बड़े निवेश की जरूरत है, वहीं दूसरी तरफ समाज के सभी वर्गों को संपर्क या कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए शुल्क सामर्थ्य को बनाए रखने की भी जरूरत है।
कंपनी ने कहा कि टैरिफ में बढ़ोतरी के कारण कंपनी को तिमाही आधार पर ग्राहकों का नुकसान उठाना पड़ा। वोडाफोन आइडिया ने 4 जुलाई से मोबाइल सर्विसेज की दरों में 11 से 24 प्रतिशत का इजाफा किया है।
30 जून, 2024 तक सरकार को वोडाफोन आइडिया लिमिटेड का भुगतान दायित्व 2,09,520 करोड़ रुपये था, जिसमें 1,39,200 करोड़ रुपये के स्थगित स्पेक्ट्रम भुगतान दायित्व और 70,320 करोड़ रुपये की AGR देनदारी शामिल है।
कंपनी ने तीन साल की अवधि में नेटवर्क डिवाइस की आपूर्ति के लिए नोकिया, एरिक्सन और सैमसंग के साथ 3.6 बिलियन डॉलर का सौदा किया है।
जानकारों का कहना है कि अब इस बात पर नजर होगी कि वोडाफोन आइडिया सुप्रीम कोर्ट के प्रतिकूल फैसले को देखते हुए अपनी ऋण जुटाने की योजना को आगे बढ़ा सकती है या नहीं।
कंपनी ने कहा कि पटना में सीजीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के संयुक्त आयुक्त ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 के तहत एक आदेश पारित किया, जिसमें 1,51,92,035 रुपये जुर्माना और देय ब्याज के साथ 15,19,20,351 रुपये की मांग की गई।
वोडाफोन आइडिया ने कहा कि सरकार कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचे या नहीं, यह सरकार का ही फैसला होगा।
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