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Vodafone Idea में क्या सरकार बढ़ाएगी अपनी हिस्सेदारी? संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कर दिया क्लियर

 Published : Apr 23, 2025 07:44 pm IST,  Updated : Apr 23, 2025 07:59 pm IST

विश्लेषकों के मुताबिक सरकार द्वारा बकाया राशि को इक्विटी में बदलने से निकट अवधि में वीआईएल को राहत मिली है, लेकिन उसके लिए संरचनात्मक चुनौतियां बनी हुई हैं।

सरकार के पास वीआईएल में 48.99 प्रतिशत की हिस्सेदारी हो गई है। - India TV Hindi
सरकार के पास वीआईएल में 48.99 प्रतिशत की हिस्सेदारी हो गई है। Image Source : INDIA TV

सरकार की दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया (वीआईएल) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। बुधवार को यह बात संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट कर दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह नहीं चाहते कि दूरसंचार कंपनी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) में बदल जाए। भाषा की खबर के मुताबिक, संचार मंत्री ने वोडाफोन आइडिया लिमिटेड को सख्त मैसेज देते हुए कहा कि कंपनी को हर हाल में अच्छा प्रदर्शन सुनिश्चित करना ही होगा।

सरकार की कितनी है हिस्सेदारी

खबर के मुताबिक, कुछ दिनों पहले ही स्पेक्ट्रम नीलामी के बकाया 36,950 करोड़ रुपये को इक्विटी में बदलने के बाद सरकार के पास वीआईएल में 48.99 प्रतिशत की हिस्सेदारी हो गई है। पहले यह हिस्सेदारी 22.6 प्रतिशत थी। आपको बता दें, अगर सरकार अब इसके बाद हिस्सेदारी में बढ़ोतरी करती है तो वोडाफोन आइडिया सरकारी कंपनी में बदल जाएगी। साथ ही कंपनी कैग (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) और दूसरे निरीक्षण निकायों के दायरे में आ जाएगी। मंत्री ने कहा कि हम अपनी मौजूदा हिस्सेदारी पर बने रहेंगे।

कंपनी के वोडाफोन आइडिया

कंपनी के भुगतान दायित्वों को पूरा करने की क्षमता के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि यह सवाल वोडाफोन आइडिया से पूछा जाना चाहिए। अब यह सुनिश्चित करना उनका काम है कि वे अच्छा प्रदर्शन करें। विश्लेषकों के मुताबिक सरकार द्वारा बकाया राशि को इक्विटी में बदलने से निकट अवधि में वीआईएल को राहत मिली है, लेकिन उसके लिए संरचनात्मक चुनौतियां बनी हुई हैं। इनमें ग्राहकों को रोकना, शुल्क को बढ़ाना और ऋण वृद्धि जैसे कारक शामिल हैं। एमटीएनएल द्वारा बैंक लोन न चुकाने के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि कंपनी के पास पर्याप्त भूमि है और कर्ज चुकाने के लिए उसकी परिसंपत्ति को बाजार पर चढ़ाया जाएगा।

कंपनी को मिला था टैक्स नोटिस

आपको बता दें, करीब एक महीने पहले ही वोडाफोन आइडिया (वीआईएल) पश्चिम बंगाल के बड़े करदाता इकाई के उपायुक्त से 16.73 करोड़ रुपये का माल और सेवा कर (जीएसटी) मांग आदेश मिला था। दूरसंचार कंपनी ने कहा कि वह आदेश से सहमत नहीं है और इसके खिलाफ अपील दायर करने के लिए उचित कार्रवाई करेगी। केंद्रीय माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 के तहत कंपनी को आदेश प्राप्त हुआ था।

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