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UIDAI शुरू करेगी 15 सितंबर से फेस रिकॉ‍ग्निशन फीचर, टेलीकॉम कंपनियों से होगी शुरुआत

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Aug 18, 2018 04:16 pm IST,  Updated : Aug 18, 2018 04:16 pm IST

यूआईडीएआई ने व्यक्ति की पहचान के सत्यापन की एक अतिरिक्त विधि के अंतर्गत फोटो का चेहरे से मिलान करने की सुविधा चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की घोषणा की है।

Aadhaar- India TV Hindi
Aadhaar Image Source : AADHAAR

नई दिल्‍ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने व्यक्ति की पहचान के सत्यापन की एक अतिरिक्त विधि के अंतर्गत फोटो का चेहरे से मिलान करने की सुविधा चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की घोषणा की है। यह सुविधा पहले टेलीकॉम सर्विस प्रदाता कंपनियों के साथ 15 सितंबर को शुरू की जा रही है। प्राधिकरण ने इससे पहले चेहरा पहचानने का फीचर एक जुलाई से लागू करने की योजना बनाई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर एक अगस्त कर दिया गया था। इसके तहत मोबाइल सिम कार्ड के लिए आवेदन के साथ लगाए गए फोटो को संबंधित व्यक्ति के सामने लिए गए फोटो से की जाएगी।

यूआईडीएआई ने अगले महीने के मध्य से इस तय लक्ष्य को पूरा नहीं करने वाली टेलीकॉम कंपनियों पर मौद्रिक जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव किया है। यूआईडीएआई ने कहा कि टेलीकॉम कंपनियों के अलावा अन्य सत्यापन एजेंसियों के लिए फेस रिकॉग्निशन फीचर के क्रियान्वयन के बारे में निर्देश बाद में जारी किए जाएंगे। हालांकि, प्राधिकरण ने इसके लिए कोई समयसीमा नहीं दी है।

खास बात यह है कि यूआईडीएआई ने कहा है कि ‘लाइव फेस फोटो’ और ईकेवाईसी के दौरान निकाली गई तस्वीर का मिलान उन मामलों में जरूरी होगा, जिनमें मोबाइल सिम जारी करने के लिए आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है। यूआईडीएआई ने कहा कि यह कदम फिंगरप्रिंट में गड़बड़ी की संभावना रोकने या उसकी क्लोनिंग रोकने के लिए उठाया गया है। इससे मोबाइल सिम जारी करने और उसे एक्टिव करने की ऑडिट प्रक्रिया और सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा। यूआईडीएआई के एक परिपत्र के अनुसार 15 सितंबर से टेलीकॉम कंपनियों को महीने में कम से कम 10 प्रतिशत सत्यापन चेहरे का लाइव (सीधे) फोटो से मिलान करके करना अनिवार्य होगा।

इस प्रकार का सत्यापन इससे कम अनुपात में हुआ तो प्रति सत्यापन 20 पैसे का जुर्माना लगाया जाएगा। यहां उल्लेखनीय है कि इस साल जून में हैदराबाद के एक मोबाइल सिम कार्ड वितरक ने आधार ब्योरे में गड़बड़ी कर हजारों की संख्या में सिम एक्विटवेट किए थे। यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय भूषण पांडे ने कहा कि लाइव फेस फोटो को ईकेवाईसी फोटो से मिलाने का निर्देश सिर्फ उन्हीं मामलों में जरूरी होगा, जिनमें सिम जारी करने के लिए आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है। दूरसंचार विभाग के निर्देशानुसार यदि सिम आधार के अलावा किसी अन्य तरीके से जारी किया जाता है, तो ये निर्देश लागू नहीं होंगे।

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