1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. कोरोना के झटके से बाहर निकली अमेरिकी अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी के दावे 52 साल में सबसे कम

कोरोना के झटके से बाहर निकली अमेरिकी अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी के दावे 52 साल में सबसे कम

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Nov 25, 2021 10:32 am IST,  Updated : Nov 25, 2021 10:32 am IST

‘थैंक्सगिविंग’ (त्योहार) अवकाश के आसपास मौसमी समायोजन ने अपेक्षा से अधिक हुई इस गिरावट में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कोरोना के झटके से बाहर...- India TV Hindi
कोरोना के झटके से बाहर निकली अमेरिकी अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी के दावे 52 साल में सबसे कम 

Highlights

  • बेरोजगारी लाभ के दावे में 71,000 की कमी आयी
  • यह 1969 के मध्य नवंबर के बाद से सबसे कम है
  • दावों का औसत भी मार्च 2020 के मध्य के बाद से सबसे कम है

वाशिंगटन। बेरोजगारी लाभ के लिए आवेदन करने वाले अमेरिकियों की संख्या पिछले हफ्ते गिरकर आधी सदी से भी अधिक के निम्नतम स्तर पर आ गयी। यह इस बात का एक और संकेत है कि अमेरिकी रोजगार बाजार पिछले साल कोविड-19 महामारी की वजह से आयी मंदी से तेजी से उबर रहा है। बेरोजगारी लाभ के दावे में 71,000 की कमी आयी और यह 1,99,000 रहा। यह 1969 के मध्य नवंबर के बाद से सबसे कम है। 

‘थैंक्सगिविंग’ (त्योहार) अवकाश के आसपास मौसमी समायोजन ने अपेक्षा से अधिक हुई इस गिरावट में महत्वपूर्ण योगदान दिया। दावों का चार-सप्ताह का औसत भी गिर गया, जो साप्ताहिक उतार-चढ़ाव को सुचारू करता है। यह 21,000 की कमी के साथ 2,52,000 हो गया। यह मार्च 2020 के मध्य के बाद से सबसे कम है, जब महामारी ने अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया था।

अमेरिका पांच करोड़ बैरल तेल जारी करेगा

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने रणनीतिक तेल भंडार से पांच करोड़ बैरल तेल की निकासी का ऐलान किया है। कच्चे तेल की कीमतों में कमी लाने की अंतरराष्ट्रीय पहल के तहत यह घोषणा की गयी है। बाइडन ने मंगलवार को राष्ट्रपति आवास व्हाइट हाउस में रणनीतिक भंडार से कच्चे तेल को जारी करने की घोषणा करते हुए कहा, "भले ही हमारे साझा प्रयास तेल की ऊंची कीमतों की समस्या को झटके में हल नहीं करेंगे लेकिन इससे फर्क पड़ेगा।" उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर कच्चे तेल को बाजार में जारी करने से तेल की कीमतें कम होंगी। हालांकि उन्होंने यह माना कि इसमें थोड़ा वक्त लग सकता है। अमेरिका का यह कदम ब्रिटेन, चीन, भारत एवं जापान के साथ मिलकर किए जा रहे साझा प्रयासों का हिस्सा है। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा