अमेरिका ने साल 2025 में अपनी व्यापार पॉलिसी में बड़ा बदलाव करते हुए तमाम देशों पर पारस्परिक टैरिफ लागू कर दिया था, जो आज भी लागू है। इसका दुनियाभर में असर देखने को मिला।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने पसंदीदा हथियार 'टैरिफ' के सहारे वैश्विक राजनीति में दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बार निशाने पर है ईरान, जहां सरकार के खिलाफ चल रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के आरोप लग रहे हैं।
भारत लंबे समय से आईटी आउटसोर्सिंग और इससे जुड़ी सेवाओं का केंद्र रहा है, इसलिए इस बिल ने भारतीय आईटी इंडस्ट्री में चिंता पैदा कर दी है, जो रेवेन्यू के लिए अमेरिकी ग्राहकों पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं।
अमेरिका में इस साल के अंत तक, खाद्य कीमतों में 3.4% की बढ़ोतरी का अनुमान है, जो 20 साल के ऐतिहासिक औसत 2.9% से भी ज्यादा है।
भारत अगर रूस से कच्चे तेल का आयात बंद करता है तो चालू वित्त वर्ष में देश का खर्च 9 अरब डॉलर बढ़कर 12 अरब डॉलर हो जाएगा।
शुक्रवार की रोजगार रिपोर्ट बेहद निराशाजनक थी, लेकिन ट्रंप ने आंकड़ों में दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया और मासिक रोजगार के आंकड़े जारी करने वाली एजेंसी के प्रमुख को बर्खास्त कर दिया।
ट्रंप और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने बुधवार को एक समझौते की घोषणा की जिसके तहत जापान से अमेरिकी आयात पर 15% शुल्क लगाया जाएगा, जो अमेरिका द्वारा पहले प्रस्तावित 25% से कम है।
भारत में प्रतिदिन खपत होने वाले 5.5 मिलियन बैरल कच्चे तेल में से लगभग 1.5 से 2 मिलियन होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से आता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने विदेशी स्टील इम्पोर्ट पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। उन्होंने विदेशों से स्टील इम्पोर्ट करने पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के ऐलान कर दिया है। इसके अलावा एल्यूमीनियम पर भी टैरिफ को दोगुना बढ़ाया जाएगा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड वॉर के बीच अमेरिकी अर्थव्यवस्था में जनवरी-मार्च की पहली तिमाही में 0.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
श्रम विभाग की रिपोर्ट से पता चलता है कि अप्रैल की शुरुआत में लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ का अभी तक कई चीजों की कीमतों पर बहुत खास प्रभाव नहीं पड़ा है।
सरकारी डेटा के जरिए मालूम चला कि वास्तविक जीडीपी 2024 की चौथी तिमाही में 2.4 प्रतिशत से अपने वर्तमान स्तर पर गिर गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा शुरू किए गए ट्रेड वॉर में अब नरमी के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका सबसे पहला ट्रेड डील भारत के साथ कर सकता है।
ट्रंप ने चीन पर पहले 34 प्रतिशत का टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, जिसके बाद चीन ने भी अमेरिका पर 34 प्रतिशत का जवाबी टैरिफ लगा दिया था। यहां से दोनों देशों के बीच टैरिफ वॉर शुरू हो गया।
चीन की तरफ से लगाए गए जवाबी सीमा शुल्क को वापस न लेने की स्थिति में उस पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की सोमवार को धमकी दी थी।
'एक ऐसी गाय के दूध से बना मक्खन खाना, जिसे दूसरी गाय का मांस और खून खिलाया गया हो। भारत शायद कभी इसकी अनुमति न दे।’
भारत और अमेरिका ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के तहत आने वाले हफ्तों में क्षेत्रवार वार्ता आयोजित करने का फैसला किया है।
अमेरिका ने धनी अप्रवासियों के लिए मौजूदा EB-5 वीजा की जगह एक नया 'गोल्ड कार्ड' निवेशक वीजा कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है।
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ईएफटीए ब्लॉक सहित विकसित देशों के साथ नए व्यापार समझौतों के माध्यम से दुनियाभर में नई साझेदारियों का विस्तार और निर्माण कर रहा है।
अगर आप आज की तारीख में अमेरिका में अकेले रहते हैं तो आपके एक महीने का औसत खर्च 2800 से 3200 डॉलर के आसपास पड़ेगा। भारतीय करेंसी के हिसाब से देखें तो आपको अमेरिका में रहने के लिए हर महीने करीब 2.43 लाख रुपये से 2.77 लाख रुपये की जरूरत पड़ेगी।
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