Shul Yog 2026 and Horoscope: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और नक्षत्रों की स्थिति मिलकर कई शुभ और अशुभ योगों का निर्माण करती है। 14 जून को शूल योग बनने जा रहा है,जो कि अशुभ और बेहद ही कष्टकारी योग माना जाता है। ज्योतिषों के अनुसार, शूल योग कुछ राशियों के लिए मानसिक तनाव, धन हानि और वाद-विवाद लेकर आ रहा है। यह शूल योग 14 जून को दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर शुरू होगा और 15 जून की सुबह 8 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगा। तो आइए जानते हैं कि शूल योग की वजह से किन राशियों को सावधान रहने की जरूरत है।
मिथुन राशि
शूल योग की वजह से मिथुन राशि वालों के रिश्ते में तनाव पैदा हो सकता है। ऐसे में इस दौरान घर या ऑफिस में किसी भी फालतू के बहसबाजी से बचें। इस दौरान पैसों आ निवेश से जुड़ा कोई फैसला न लें वरना इसमें बड़ा नुकसान हो सकता है। पैसों से जुड़े लेन-देन में पूरी पारदर्शिता बरतें और फिजूलखर्ची पर रोक लगाएं। शूल योग की वजह मन बैचेन और चिड़चिड़ापन भी रहेगा।
कन्या राशि
शूल योग की वजह से कन्या राशि वालों के हर काम में बाधा उत्पन्न हो सकती है। आपको रिश्ते में तनाव हो सकता है। जीवनसाथी के साथ बहस या लड़ाई झगड़ा हो सकता है। किसी पुरानी बात को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है। मानसिक तनाव बढ़ेगा। इस दौरान जल्दबाजी में कोई भी फैसला न लें।
धनु राशि
बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं। विरोधी आपके खिलाफ साजिश रचने की कोशिश करेंगे। इस दौरान गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें और अपनी योजनाओं को किसी के साथ शेयर न करें। इस अशुभ योग के प्रभाव से पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। पेट या सिरदर्द की दिक्कत परेशान कर सकती है। शूल योग के दौरान पैसों का लेनदेन करने से भी बचें।
मकर राशि
शूल योग में अगर यात्रा कर रहे हैं तो सावधानी बरतें। इस दौरान अपने सेहत का खास ध्यान रखें। शारीरिक चोट या दुर्घटना होने की आशंका है। गाड़ी चलाते समय विशेष सावधानी रखने की जरूरत है। अपने गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें।
शूल योग के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय
- भगवान शिव की आराधना करें। शिवलिंग पर जल में काले तिल मिलाकर अभिषेक करें और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।
- शाम के समय हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें।
- किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को काले चने, काली उड़द की दाल या काले कपड़े का दान करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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