1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. ईरान से जंग के बीच पतली हो रही अमेरिका की हालत! तेजी से रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया कर्ज

ईरान से जंग के बीच पतली हो रही अमेरिका की हालत! तेजी से रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया कर्ज

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Mar 19, 2026 11:10 am IST,  Updated : Mar 19, 2026 11:10 am IST

दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका इन दिनों कई चुनौतियों से जूझ रही है। एक तरफ ईरान के साथ जारी तनाव और युद्ध का असर है, तो दूसरी ओर बढ़ती महंगाई और कमजोर होती रोजगार मांग ने हालात को और मुश्किल बना दिया है।

अमेरिका के ऊपर कर्ज- India TV Hindi
अमेरिका के ऊपर कर्ज Image Source : CANVA

दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति कहे जाने वाले अमेरिका की आर्थिक सेहत इन दिनों नाज़ुक दौर से गुजर रही है। एक तरफ ईरान के साथ छिड़ा भीषण युद्ध और दूसरी तरफ आसमान छूती महंगाई ने सुपरपावर की कमर तोड़ दी है। हालत यह है कि अमेरिका का कुल कर्ज अब तक के सबसे हाई लेवल 39 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है। ईरान-इजराइल युद्ध के कुछ ही हफ्तों के भीतर आए इस आंकड़े ने पूरी दुनिया के अर्थशास्त्रियों को चिंता में डाल दिया है। आइए समझते हैं कि आखिर क्यों अमेरिका की अर्थव्यवस्था इस समय अनिश्चितता के चक्रव्यूह में फंसी हुई है।

फेड रिजर्व पर ट्रंप का दबाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े दबाव के बावजूद, अमेरिकी केंद्रीय बैंक यूएस फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का साहसी फैसला लिया है। फेड ने दरों को 3.50% से 3.75% की सीमा पर बरकरार रखा है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने साफ कर दिया है कि जब तक महंगाई कम नहीं होती, तब तक ब्याज दरों में कटौती का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान के साथ चल रही जंग महंगाई की आग में घी डालने का काम कर रही है। पॉवेल के अनुसार, युद्ध के आर्थिक असर का सटीक आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन यह तय है कि इससे अमेरिकी बाजार पर भारी दबाव है।

कर्ज का पहाड़

अमेरिका का सरकारी कर्ज जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, वह डराने वाला है। महज पांच महीने पहले यह 38 ट्रिलियन डॉलर पर था और अब यह 39 ट्रिलियन डॉलर को पार कर चुका है। पीटर जी. पीटरसन फाउंडेशन के सीईओ माइकल पीटरसन ने चेतावनी दी है कि अगर यही रफ्तार रही, तो इस साल के अंत तक अमेरिका का कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर के 'खतरनाक' स्तर पर पहुंच जाएगा। उन्होंने इसे 'अनसस्टेनेबल' यानी ऐसा बोझ बताया है जिसे संभालना नामुमकिन होगा।

युद्ध की भारी कीमत

व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट के मुताबिक, ईरान के साथ जारी इस जंग में अमेरिका को अब तक 12 बिलियन डॉलर से ज्यादा का सीधा नुकसान हो चुका है। युद्ध कब खत्म होगा, यह किसी को नहीं पता। रक्षा खर्च में बढ़ोतरी, इमिग्रेशन एनफोर्समेंट और नए टैक्स कानूनों के कारण सरकार की प्राथमिकताएं बदल गई हैं, जिससे कर्ज को कम करने का ट्रंप का चुनावी वादा फिलहाल अधूरा नजर आ रहा है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा