Viral Video : तनाव, लंबे काम के घंटे और वर्क-लाइफ बैलेंस की कमी ने कॉर्पोरेट कर्मचारियों को दु:खी कर दिया है। लगातार टारगेट, ऑफिस पॉलिटिक्स और प्रमोशन की होड़ में लोग मानसिक स्वास्थ्य खो रहे हैं। ऐसे में दिल्ली स्थित एक कंपनी के सीईओ मदर्स डे पर कर्मचारियों को स्पेशल तोहफा देने के लिए वायरल हो रहे हैं। माता-पिता के मौन बलिदानों को ध्यान में रखते हुए, ग्रोवर ने एक दिल छू लेने वाली पहल की घोषणा की है। उन्होंने माता-पिता के मौन बलिदानों को ध्यान में रखते हुए, ग्रोवर ने एक दिल छू लेने वाली पहल की घोषणा की है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @rajat_grover30 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। उद्यमी रजत ग्रोवर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'हम उन लोगों से बार-बार एक दिन कहते रहते हैं जिन्होंने अपना पूरा जीवन हमें हां कहते हुए बिताया। हमारे माता-पिता ने हमें अपना समय, सपने, ऊर्जा और कई साल दिए... बिना कुछ मांगे। शायद अब समय आ गया है कि हम उनसे एक सवाल पूछें: ऐसा क्या है जो आप हमेशा से करना चाहते थे? और फिर चुपचाप उसे साकार कर दें।' एक वीडियो में उन्होंने माता-पिता के बलिदानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। फिर उन्होंने एक बड़ा कदम उठाया, जिसे "साल का सर्वश्रेष्ठ बॉस" कहा जा सकता है। उन्होंने घोषणा की कि कर्मचारियों को अपने माता-पिता को तीन दिन की छुट्टी पर ले जाने के लिए ₹ 10,000 का भुगतान मिलेगा और जी हां, ये छुट्टियां पूरी तरह से सवैतनिक हैं और उनके नियमित अवकाश (PTO) बैलेंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
शेयर किया अपना एक्सपीरिएंस
वे बताते हैं कि, 'इस कंपनी को खड़ा करने से पहले, कोई सुबह 5 बजे उठता था, मेरे लिए खाना बनाता था, घर का सारा काम संभालता था, ताकि मैं अपना हर पल अपने सपनों को साकार करने में लगा सकूं। हमें नहीं पता कि उनके साथ हमारे पास कितना समय है। कल का कोई भरोसा नहीं। इसलिए अगर कोई ऐसी जगह है जहाँ वे हमेशा जाना चाहते थे, कोई ऐसा पल है जिसे वे हमेशा जीना चाहते थे, तो यही सही समय है। उन्हें ले चलो। अभी जाओ। इंतज़ार मत करो। उन्होंने हमारे आत्मविश्वास, हमारे मूल्यों, हमारी ताकत की नींव रखी। उन्होंने हमें तब बनाया, जब हमने कुछ भी नहीं बनाया था।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनके पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने लिखा कि, 'काश पूरी दुनिया इस तरह सोचना शुरू कर दे।' दूसरे ने कहा, 'हमेशा की तरह, सराहनीय पहल।' तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'आज के कॉर्पोरेट जगत में इस तरह की सोच वाले लोग मिलना दुर्लभ है। ऐसे प्रयासों को देखकर वाकई बहुत अच्छा लगा।' चौथे यूजर ने लिखा कि, 'एक अनमोल व्यक्ति के सच्चे शब्द।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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