1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. थाली से सब्जी और जेब से पैसे, दोनों तेजी से हो रहे गायब, इस रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

थाली से सब्जी और जेब से पैसे, दोनों तेजी से हो रहे गायब, इस रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

 Published : Aug 07, 2023 10:21 pm IST,  Updated : Aug 07, 2023 10:21 pm IST

Vegetables Price Hike: रिपोर्ट में कहा गया है कि मांसाहारियों के लिए थाली की कीमत में वृद्धि का एक कारण आम जनता से जुड़ा हुआ है। पूरी रिपोर्ट में कई अहम जानकारी सामने आई है।

Vegetables Price Hike- India TV Hindi
Vegetables Price Hike Image Source : CANVA

Vegetables Price Hike: टमाटर की बढ़ती कीमतों के कारण जून की तुलना में जुलाई में ‘शाकाहारी थाली’ तैयार करना 34 प्रतिशत महंगा हो गया। एक रेटिंग (साख निर्धारक) एजेंसी की इकाई ने सोमवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। अगस्त के लिए क्रिसिल की ‘रोटी चावल दर’ रिपोर्ट में कहा गया है कि मांसाहारी थाली पर अपेक्षाकृत कम प्रभाव पड़ा है और इसे तैयार करने की कीमत केवल 13 प्रतिशत बढ़ी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि थालियों की महंगाई काफी हद तक टमाटर की कीमतों में 233 प्रतिशत की बढ़ोतरी के कारण हुई है। टमाटर का दाम जुलाई में 110 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया, जबकि जून में यह 33 रुपये किलो था। 

क्या है रिपोर्ट? 

क्रिसिल ने कहा कि घर पर थाली तैयार करने की औसत लागत की गणना उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत में प्रचलित लागत वस्तुओं की कीमतों के आधार पर की जाती है। इसमें कहा गया है कि थाली की कीमत के महंगा होने का यह लगातार तीसरा महीना है। इसमें कहा गया कि वित्त वर्ष 2023-24 में यह पहली बार है जब कीमतें साल-दर-साल के नजरिये से भी महंगी हो गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि मासिक आधार पर प्याज और आलू की कीमतें क्रमशः 16 प्रतिशत और नौ प्रतिशत बढ़ीं, जिससे लागत में और वृद्धि हुई। क्रिसिल ने कहा कि जून की तुलना में जुलाई में मिर्च की कीमतें 69 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन चूंकि भोजन तैयार करने के लिए इसकी जरूरत थोड़ी कम रहती है, इसलिए थाली तैयार करने पर इसका प्रभाव सीमित है। 

मांसाहारियों के लिए आफत

रिपोर्ट में कहा गया है कि मांसाहारियों के लिए थाली की कीमत में कम मात्रा में बढ़ोतरी का कारण ब्रॉयलर चिकन की कीमत में तीन से पांच प्रतिशत की गिरावट से आना है, जिसका थाली की लागत में लगभग आधा हिस्सा होता है। इसमें कहा गया है कि वनस्पति तेल की कीमत में मासिक आधार पर दो प्रतिशत की गिरावट आने से दोनों प्रकार की थालियों की लागत बढ़ने से कुछ राहत मिली है।

ये भी पढ़ें: भविष्य में चलने वाला बिजनेस कौन सा है? कर लिया तो फ्यूचर सेट

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा