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Anant Ambani’s Vantara : क्या है 'वनतारा' जिस पर जान छिड़कते हैं मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Feb 27, 2024 07:26 pm IST,  Updated : Feb 27, 2024 07:27 pm IST

Anant Ambani’s Vantara : वनतारा अनंत अंबानी का जुनून है। वन्य जीवों के रेस्क्यू सेंटर की शुरुआत कोविड काल में हुई थी। उन्होंने बताया कि घायल जानवर चाहे देश में हो या विदेश में, उनका तत्काल संरक्षण इस कार्यक्रम का उद्देश्य है।

वनतारा- India TV Hindi
वनतारा Image Source : FILE

मुकेश और नीता अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी (Anant Ambani) जल्द ही राधिका मर्चेंट के साथ शादी करने वाले हैं। 1 से 3 मार्च को जामनगर में इनकी प्री-वेडिंग सेरेमनी होनी है। इससे पहले अनंत अंबानी का वनतारा प्रेम काफी चर्चा में है। वनतारा (Vantara ) यानी स्टार ऑफ द फॉरेस्ट घायल-शोषित वन्यजीवों को बचाकर उनका उपचार और पुनर्वास करने की एक पहल है। दरअसल, अनंत अंबानी का पशु प्रेम काफी गहरा है। वे बचपन से ही जानवरों से काफी प्यार करते हैं। उन्होंने खुद कहा है कि इसी में उन्हें सबसे अधिक आनंद आता है। अनंत अंबानी जब छोटे थे, तो उनकी मां मांझे से कटे कबूतरों को बचाती थीं, उनका उपचार करती थीं। उन्होंने एक घायल बाज के बच्चे का भी उपचार किया था। वहीं से अनंत अंबानी का जानवर प्रेम विकसित होता गया।

क्या है वनतारा?

रिलायंस इंडस्ट्रीज और रिलायंस फाउंडेशन ने सोमवार को जामनगर में एनिमल वेलफेयर के लिए वनतारा पहल की शुरुआत की है। यह वनतारा इनिशिएटिव जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स के ग्रीन बेल्ट में 3000 एकड़ में फैला है। यहां वनतारा का रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर 650 एकड़ जमीन पर बना है। वनतारा इनिशिएटिव के तहत अब तक 200 से ज्यादा हाथियों और हजारों पक्षियों, सरीसृपों और दूसरे जानवरों को बचाया गया है। साथ ही वनतारा में मगरमच्छ, तेंदुआ और गैंडा जैसी प्रमुख प्रजातियों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था भी है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता

वनतारा इनिशिएटिव भारत में राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, नागालैंड प्राणी उद्यान, सरदार पटेल प्राणी उद्यान और असम राज्य चिड़ियाघर आदि के साथ सहयोग करता है। वनतारा प्रोग्राम ने वेनेजुएला नेशनल फाउंडेशन ऑफ जू जैसे इंटरनेशनल संगठनों के साथ भी काम किया है। साथ ही यह स्मिथसोनियन और वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ जू एंड एक्वेरियम जैसे जाने-माने संगठनों के साथ जुड़ा है।

3-4 साल में होगी यूनिवर्सिटी

अनंत अंबानी कहते हैं कि यह पहल उनका जुनून है। वन्य जीवों के रेस्क्यू सेंटर की शुरुआत कोविड काल में हुई थी। उन्होंने बताया कि घायल जानवर चाहे देश में हो या विदेश में, उनका तत्काल संरक्षण इस कार्यक्रम का उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि घायल जानवरों को दुनिया के टॉप प्राणिशास्त्रियों और डॉक्टरों की हेल्प से ठीक किया जाता है। रेस्क्यू सेंटर में उन लोगों को जॉब दी जाती है, जो वेटरिनरी में ग्रेजुएट हैं। उनका कहना है कि अगले 3-4 साल में उनके पास वन्यजीव पशु चिकित्सा के लिए एक फुल यूनिवर्सिटी होगी।

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