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आखिर क्यों लगातार टूट रहा शेयर बाजार? मार्केट में निवेश करते हैं तो जानिए अपने सवालों के जवाब

 Edited By: Alok Kumar
 Published : Oct 03, 2023 11:34 am IST,  Updated : Oct 03, 2023 11:34 am IST

वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख और विदेशी निवेशकों की निकासी से भारतीय बाजार में गिरावट बढ़ी है। एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग और जापान का निक्की नुकसान में रहने से भी दबाब बढ़ा है। दुनिया में आर्थिक सुस्ती से भी निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।

टूट रहा शेयर बाजार- India TV Hindi
टूट रहा शेयर बाजार Image Source : FILE

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला टूटने का नाम नहीं ले रहा है। 2 अक्टूबर को छुट्टी के बाद आज खुले बाजार में बड़ी गिरावट है। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 363.50 अंक टूटकर 65,464.91 अंक पर कारोबार कर रहा है। वहीं, एनएसई निफ्टी 121.55 अंक के नुकसान से 19,516.75 अंक पर कारोबार कर रहा है। आखिर क्या वजह है कि बाजार में लगातार गिरावट आ रही है। अगर आप भी शेयर में निवेश करते होंगे तो इन सवालों के जवाब जरूर जानना चाहते होंगे। आइए आपके सभी सवालों के जवाब देते हैं। 

इसलिए टूट रहा है शेयर बाजार 

  1. विदेशी निवेशकों की निकासी: एक बार फिर भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशक अपना पैसा तेजी से निकाल रहे हैं। आपको बता दें कि लगातार छह माह तक निवेश के बाद एफपीआई ने सितंबर में भारतीय शेयर बाजारों से 14,767 करोड़ रुपये की निकासी की है। एफपीआई मार्च से अगस्त तक लगातार छह माह भारतीय शेयरों में शुद्ध लिवाल रहे थे। इस दौरान उन्होंने 1.74 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाल के कारण बाजार में गिरावट बढ़ी है। 
  2. डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी: मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को रुपया 17 पैसे की गिरावट के साथ 83.23 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। इससे भी बाजार पर दबाब बना है। 
  3. कच्चे तेल में तेजी: कच्चे तेल की कीमत में तेजी का सिलसिला जारी है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड जुलाई-सितंबर की तिमाही में 29 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद सोमवार को 91 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया, जो लगभग दो दशकों में सबसे बड़ी तीसरी तिमाही बढ़त है। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड पहले से ही 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास मंडरा रहा है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। इससे बाजार में गिरावट बढ़ी है। 
  4. ग्लोबल मार्केट में बिकवाली: दुनियाभर के शेयर बाजारों में बिकवाली से भी भारतीय बाजार पर दबाब बढ़ा है। इससे भी भारतीय बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है।
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