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वित्‍त वर्ष बीतने की निकट आई घड़ी, अपनी इनकम पर टैक्‍स बचाने के लिए अपनाएं ये रणनीति

अगर आप अभी भी पुरानी टैक्स व्यवस्था में ही हैं तो इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत आप 1.5 लाख तक निवेश कर टैक्स छूट ले सकते हैं।

Sarabjeet Kaur Sarabjeet Kaur
Published on: February 05, 2021 18:21 IST
adopt this strategy to save tax on your income- India TV Paisa
Photo:FILE PHOTO

adopt this strategy to save tax on your income

वित्‍त वर्ष 2020-2021 के खत्‍म होने की घड़ी अब नजदीक आ गई है। ऐसे में अगर आपने अभी तक अपनी पूर्व घोषणा के अनुरूप निवेश नहीं किया है तो आपको हड़बड़ाहट में इधर-उधर निवेश करने की गलती से बचना चाहिए। आज हम आपको ऐसे कुछ टैक्स सेविंग विकल्‍प के बारे में बताएंगे, जहां निवेश कर आप अपना इनकम टैक्‍स बचा सकतें हैं।

अगर आप अभी भी पुरानी टैक्‍स व्‍यवस्‍था में ही हैं तो इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत आप 1.5 लाख तक निवेश कर टैक्स छूट ले सकते हैं। लेकिन यहां यह याद रखना बहुत जरूरी है कि धारा 80C के तहत टैक्स सेविंग निवेश कुछ साल जैसे 3-6 साल के लिए लॉक हो जाता है। इसलिए ये जानना बहुत जरूरी है कि आप अपनी सैलरी और जरूरत के हिसाब से ऐसे कौन से विकल्प अपना सकते हैं, जिनमें निवेश कर सैलेरी से टीडीएस के रूप में टैक्स को कटने से बचा सकते हैं।

1.पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ)

पीपीएफ को टैक्स और सेविंग दोनो के लिए सबसे सुरक्षित निवेश माना गया है। पीपीएफ अकाउंट में आप सालाना 1.5 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते हैं। आप अपने या, पत्नि, बच्चों के नाम से पीपीएफ खाता खोल कर टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं। पीपीएफ फंड स्कीम EEE स्टेट्स के साथ आती है। पीपीएफ में आप 15 साल तक के लिए पैसे जमा कर सकते हैं। पीपीएफ खाते में जमा राशी, अर्जित ब्‍याज और परिपक्‍वता निकासी पर टैक्स नहीं लगता है।

2. बैंक एफडी (टैक्स सेविंग)

टैक्स सेविंग बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट की अवधि पांच साल की होती है। पांच साल से पहले अगर आप सोचते हैं कि जमा की गई रकम को निकाला जा सकता है तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। टैक्स सेविंग एफडी में जमा राशी पांच साल के लिए लॉक होती है। इस पर मिलने वाले ब्‍याज पर टैक्स चुकाना होता है।

3.इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS)

ELSS में आप तीन साल के लॉकइन पीरियड के साथ 1.5 लाख रुपये तक का निवेश कर टैक्स छूट ले सकते हैं। ELSS को टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें SIP के जरिये निवेश किया जाता है। ELSS में निवेश से आप म्यूचुअल फंड में पैसा लगाते हैं। अगर आप चाहते हैं कि तीन साल से पहले अपनी जमा की गई राशी को निकाल लें तो ऐसा नहीं किया जा सकता है। मान लिजिए आपने 10 अप्रैल 2020 में SIP के जरिए ELSS में निवेश किया है तो आप 10 अप्रैल 2023 तक उसके यूनिट्स नहीं बेच सकते हैं। ELSS के यूनिट्स से होने वाली इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता है।

4.राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (NSC)

टैक्स सेविंग निवेश के लिए NSC को सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक माना गया है। आप पोस्ट ऑफिस में जाकर NSC खुलवा सकते हैं जिसकी अवधि छह साल की होती है।धारा 80C के तहत मैच्योरिटी से पहले आप कोई भी रकम नहीं निकाल सकते हैं। इसमें मिलने वाले ब्याज पर टैक्स चुकाना पड़ता है। हालांकि, शुरूआती निवेश के समय में मिलने वाले ब्याज पर टैक्स छूट मिलती है। NSC के आखिरी साल में मिल रहे ब्याज पर टैक्स देना पड़ता है।

5.नेशनल पेंशन स्कीम (NPS)

NPS में निवेश करना रिटायरमेंट के माध्यम से काफी सुरक्षित टैक्स सेविंग विक्लप है। हालांकि, NPS में निवेश दो तकीके से होता है।NPS टियर-1 अकाउंट प्राइमरी अकाउंट होता है जिसमें लॉक-इन-पिरिएड होता है। वहीं, NPS टियर-2 बिना किसी लॉक इन के होता है। टैक्स बचाने के लिए आप धारा 80CCD (1), 80CCD (1B) और 80CCD (2) के तहत कुल 2 लाख तक टैक्स छूट ले सकते हैं। अगर कोई भी कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 10फीसदी रकम धारा 80CCD (2) के तहत NPS में जमा करता है तो वो रकम टैक्स फ्री मानी जाती है।

6. सुकन्या समृद्धि योजना (SSC)

केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ये स्कीम बेटियों के भविष्य के लिए एक अच्छी रकम जोड़ने के लिए बहुत अच्‍छा विकल्‍प है। अगर आपकी बेटी कि उम्र 10 वर्ष से कम है तो आप ये स्कीम अपनी बेटी के नाम से खोल सकते हैं। SSC में निवेश की गई रकम बेटी के 21 साल के होने पर वापस मिलती है। इसमें किए गए निवेश पर टैक्स छूट पा सकते हैं।

7.सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SSSC)

सिनियर सिटिजन सेविंग स्कीम वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अच्छा टैक्स बचाने का विकल्प है जिसमें निवेश के जरिए आप एक रेगुलर इनकम अपने रिटारमेंट के बाद ले सकते हैं। इसमें किए गए निवेश पर आप इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत 1.5 लाख तक का टैक्स छूट ले सकते हैं।

8.इंशोरेंस प्रीमियम

अगर आप अपने जरूरत के हिसाब से लाइफ इंश्योरेंस या हेल्थ बीमा पॉलेसी लेते हैं तो उसपर चुकाए गए प्रीमियम पर आपको इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत टैक्स छूट की सुविधा मिलेगी। टैक्स छूट का फायदा उठाने के लिए आपको हर साल नए प्लान को लेने की कोई जरूरत नहीं। आप अपने मौजूदा प्लान पर दिए गए प्रिमियम पर 80C के तहत टैक्स छूट ले सकते हैं।

इसके अलावा आप के सैलरी आप अपने बच्चों के पढ़ाई की ट्यूशन फीस, EPF के साथ VPF, होम लोन के लिए दिए गए EMI, टर्म लाइफ इंश्योरेंश, ULIP, पोस्ट ऑफिस सेविंग्स स्कीम में निवेश करके भी 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं। साथ ही धारा 80G के तहत डोनेशन के माध्यम से या सनियर सिटिजन के हेल्थ इंश्योरेंस के प्रिमियम, किराए केघर में रह रहें हैं तो धारा 80GG के जरिए (नोट: अगर कंपनी से HRA नहीं मिलता है तो 60,000 का टैक्स छूट) आपको अलग से मिल सकता है। साथ ही धारा 80TTA के तहत सेविंग्स बैंक से मिल रहे ब्याज पर भी टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं।

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