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ब्याज से हुई इनकम पर TDS नहीं कटने देता है यह जरूरी फॉर्म, लगाया है पैसा तो आपके लिए जानना है जरूरी

 Published : Jun 14, 2024 07:04 am IST,  Updated : Jun 14, 2024 07:04 am IST

फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी, आवर्ती जमा यानी आरडी या किसी दूसरे ब्याज अर्जित होने वाले निवेश साधनों से हुई ब्याज आय पर टीडीएस से छूट का रिक्वेस्ट करने पर यह फॉर्म जमा करना होता है।

फॉर्म 15H केवल एक वित्तीय वर्ष के लिए वैध है। - India TV Hindi
फॉर्म 15H केवल एक वित्तीय वर्ष के लिए वैध है। Image Source : FILE

फॉर्म 15H एक घोषणा पत्र है जिसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में ऐसे लोगों की तरफ से जमा किया जा सकता है जो वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष या उससे अधिक आयु का) है या ऐसे निवासी द्वारा जो वरिष्ठ नागरिक नहीं है, लेकिन जिनकी वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित कुल इनकम टैक्स योग्य लिमिट से कम है। फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी, आवर्ती जमा यानी आरडी या किसी दूसरे ब्याज अर्जित होने वाले निवेश साधनों से हुई ब्याज आय पर टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) से छूट का रिक्वेस्ट करने वाला व्यक्ति आयकर विभाग को यह फॉर्म जमा करके ऐसा कर सकता है।

फॉर्म 15H का कब होता है इस्तेमाल

ब्याज अर्जित होने वाले निवेश साधनों से हुई ब्याज आय पर TDS का अनुरोध फॉर्म 15H का इस्तेमाल कर किया जाता है। फॉर्म 15H का इस्तेमाल करते समय कुछ जरूरी बातों पर विचार किया जाना चाहिए।

क्या आप पात्र हैं?

फॉर्म 15H सिर्फ उन लोगों के लिए है जो वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष या उससे अधिक आयु के) या गैर-वरिष्ठ नागरिक हैं, जिनकी वित्तीय वर्ष के लिए अपेक्षित कुल आय कर योग्य सीमा से कम है, वे फॉर्म 15H दाखिल कर सकते हैं।

मकसद

अगर व्यक्ति का वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित टैक्स देनदारी शून्य है, तो फॉर्म का इस्तेमाल ब्याज आय पर TDS से छूट का अनुरोध करने के लिए किया जाता है।

कब जमा कर देना चाहिए

बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान जहां निवेशक की एफडी यानी सावधि जमा या आरडी यानी आवर्ती जमा अकाउंट है, उसे फॉर्म हासिल हो सकता है। इस फॉर्म को भरकर उस वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही जमा किया जाना चाहिए जिसके लिए छूट का अनुरोध किया गया है।

...तब हो सकती है कानूनी कार्रवाई

फॉर्म 15H को ईमानदारी से भरा जाना चाहिए। सारी जानकारी बिल्कुल सही होनी चाहिए। आईसीआईसीआई डायरेक्टक के मुताबिकस इसमें गलत जानकारी देना दंडनीय है और इसका परिणाम कानूनी कार्रवाई के रूप में सामने आ सकता है।

कितने समय तक है वैलिडिटी

फॉर्म 15H केवल एक वित्तीय वर्ष के लिए वैध है। इसलिए, यदि व्यक्ति टीडीएस छूट का लाभ लेना चाहता है तो उसे प्रत्येक वर्ष फॉर्म जमा करना होगा।

Form 15G से कैसे है अलग

टैक्सपेयर्स को अपनी इनकम पर स्रोत पर कर की कटौती (टीडीएस) न करने की पात्रता का दावा करने के लिए आयकर विभाग में फॉर्म 15G और 15H अच्छी तरह भरकर जमा करना होता है। फॉर्म 15G और फॉर्म 15H के बीच कुछ अंतर है, जिसे यहां समझ सकते हैं। वरिष्ठ नागरिक जो 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं और जिनकी टैक्स योग्य इनकम छूट सीमा से कम है, उन्हें FD के लिए फॉर्म 15G के बजाय फॉर्म 15H का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर कोई निवेशक 60 वर्ष से कम उम्र के हैं और उनके पास समान परिस्थितियां हैं तो उन्हें फॉर्म 15G भरना होता है।

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