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मारुति की कार खरीदने वालों के लिए खुशखबरी, गाड़ी बुक कर अब डिलिवरी के लिए महीनों नहीं करना होगा इंतजार, जानें क्यों

मारुति सुजुकी इंडिया के कार्यकारी अधिकारी (कॉरपोरेट मामले) राहुल भारती ने विश्लेषक कॉल में कहा, ‘‘चिप की कमी एक वैश्विक समस्या है। यह विभिन्न मॉडल, विभिन्न कंपनियों, अलग-अलग मॉड्यूल को भिन्न तरीके से प्रभावित कर रही है।

Edited By: Alok Kumar @alocksone
Published : Apr 30, 2023 11:25 am IST, Updated : Apr 30, 2023 11:25 am IST
मारुति की कार- India TV Paisa
Photo:PTI मारुति की कार

देश के आॅटो मार्केट पर मारुति सुजुकी इंडिया का कब्जा करीब 50 फीसदी है। यानी देश में आधी कार मारुति की बिकती है। मारुति के कार खरीदने वाले शहर से लेकर गांव तक के लोग हैं। हालांकि, कोरोना के बाद लोगों को मारुति की गाड़ी की डिलिवरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इसकी वजह है कि गाड़ी में इस्तेमाल होने वाला चिप की कमी। इसके चलते मारुति की गाड़ियों में वेटिंग पीरियड साल भर तक पहुंच गई है। हालांकि, अब एक अच्छी खबर है। कंपनी ने चिप संकट को कम करने के लिए दूसरा रास्ता ढूंढा हैं। मारुति कई स्रोतों से इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जे खरीदने का प्रयास कर रही है। साथ ही कंपनी अपनी कारों में कुछ प्रकार की चिप के इस्तेमाल को कम करने का भी प्रयास कर रही है। इससे माना जा रहा है कि आने वाले समय में गाड़ी की डिलिवरी समय पर हो पाएगी। साथ ही वेटिंग पीरियड खत्म करने में मदद मिलेगी। चिप (सेमीकंडक्टर) की कमी के कारण पिछले वित्त वर्ष में कंपनी को लगभग 1.7 लाख इकाई के उत्पादन का नुकसान हुआ था।

कंपनी चिप की जरूरत को कम करने का प्रयास कर रही

मारुति सुजुकी इंडिया के कार्यकारी अधिकारी (कॉरपोरेट मामले) राहुल भारती ने विश्लेषक कॉल में कहा, ‘‘चिप की कमी एक वैश्विक समस्या है। यह विभिन्न मॉडल, विभिन्न कंपनियों, अलग-अलग मॉड्यूल को भिन्न तरीके से प्रभावित कर रही है। हमारे सभी प्रयास कई स्रोतों से आपूर्ति को व्यवस्थित करने पर हैं।’’ उन्होंने कहा कि कंपनी कुछ मॉडल/ट्रिम्स में चिप की जरूरत को कम करने का प्रयास कर रही है। ‘‘यदि किसी मॉडल के संस्करण में किसी सेमीकंडक्टर की बहुत जरूरत नहीं है, तो हम उसे हटाने का प्रयास कर रहे हैं। इससे हमारी सेमीकंडक्टर की खपत कम हो सकेगी। वैश्विक स्तर पर बातचीत के अलावा हम सभी तरह के प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, इसके बावजूद भी आपूर्ति पक्ष की दिक्कतें कायम हैं।’’ चालू वित्त वर्ष में कंपनी की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास पूरे वर्ष का परिदृश्य नहीं है, लेकिन कम से कम पहली तिमाही कठिन होगी और मोटे तौर पर अनिश्चितता बनी रहेगी।’’

वाहन उद्योग में सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल बढ़ा

सेमीकंडक्टर सिलिकॉन चिप होते हैं जो वाहन, कंप्यूटर और सेलफोन से लेकर विभिन्न अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में नियंत्रण और ‘मेमोरी’ के इस्तेाल होते हैं। ब्लूटूथ कनेक्टिविटी और ड्राइवर-एसिस्ट जैसी खूबियां आने की वजह से वैश्विक स्तर पर वाहन उद्योग में सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल बढ़ा है। एक सवाल के जवाब में भारती ने कहा कि ग्रैंड विटारा में पेश की गई मजबूत हाइब्रिड प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कई अन्य मॉडल में हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘इसको लेकर हमें काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। हम इसे और मॉडल में लाना चाहते हैं।’’

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