आम बजट (Union Budget) 2018 Live: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 के आम बजट में इनकम टैक्स के स्बैल में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। मौजूदा समय में 2.50 लाख रुपए की सालाना कमाई पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगता और 2.51 लाख रुपए से 5 लाख रुपए तक की सालाना कमाई पर 5 प्रतिशत और 5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए तक की सालाना कमाई पर 20 प्रतिशत टैक्स वसूला जाता है। वहीं 10 लाख रुपए से ऊपर के टैक्स स्लैब पर 30 प्रतिशत टैक्स का प्रावधान है। हालांकि वित्त मंत्री ने 40 हजार रुपए तक की स्टैंडर्ड डिडक्शन की घोषणा की है। यानि सालाना आधार पर जितनी सैलरी होगी उसमें से 40000 रुपए घटाने पर टैक्स की गणना की जाएगी।
देखिए बजट पर वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ रजत शर्मा बातचीत: इंडिया टीवी संवाद
- वेतनभोगी करदाता को 40,000 रुपए की मानक कटौती का लाभ दिया जाएगा, हालांकि व्यक्तिगत आयकर दायरे में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर अब कुल मिलाकर 4 प्रतिशत लगेगा, जो पहले 3 प्रतिशत था।
- एक लाख रुपए से अधिक के दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर 10 प्रतिशत कर देना होगा।
- 2.50 करोड़ वेतनभोगी व पेंशनभोगियों को मानक कटौती का लाभ मिलेगा।
- वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न जमाओं पर मिलने वाले 50,000 रुपए तक के ब्याज पर कर छूट मिलेगी, पहले यह सीमा 10,000 रुपए थी।
- वर्ष 2016-17 में वार्षिक 250 करोड़ रुपए का कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए कार्पोरेट कर घटाकर 25 प्रतिशत किया गया, इससे 2018-19 में 7,000 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा।
- फुटवियर और चमड़ा उद्योग को नए रोजगार उपलब्ध कराने पर दी जाने वाली कर रियायत दी जाएगी।
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वर्ष 2017-18 में कुल खर्च 21.47 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान से बढ़कर 21.57 लाख करोड़ रुपए रहेगा।
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वित्त वर्ष 2017-18 में राजकोषीय घाटा 3.2% से बढ़कर देश के सकल घरेलू उत्पाद का 3.5% हो गया। वित्त वर्ष 2018-19 में इसे 3.3% रखने का लक्ष्य।
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सांसदों के वेतन, भत्ते तय करने के नियमों में बदलाव होगा, मुद्रास्फीति से जुड़ेगे, हर पांच साल में स्वत: संशोधन का नियम बनेगा।
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राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, राज्यपालों की परिलब्धियां बढ़ाकर क्रमश: पांच लाख, चार लाख और साढ़े तीन लाख रुपए प्रतिमाह की गईं।
विदेशी मोबाइल फोन महंगे
वित्त मंत्री ने मोबाइल फोन के आयात पर लगने वाले आयात शुल्क को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का ऐलान किया है, इस घोषणा के बाद विदेशों से आने वाले मोबाइल फोन की कीमत बढ़ जाएगी। हालांकि देश में बनने वाले मोबाइल फोन सस्ते दाम पर मिलेंगे।
किसानों को बड़ा तोहफा
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ कर दिया है कि 2018-19 का बजट किसानों के हक का बजट होगा। उन्होंने अपने बजट भाषण की शुरुआत में ही कह दिया है कि खरीफ फसलों का समर्थन मूल्य को फसल उत्पादन की लागत से डेढ़ गुना बढ़ाया जाएगा। खरीफ सीजन में सबसे ज्यादा धान, मक्का, सोयाबीन, कपास, बाजरा, रागी, तुअर, उड़द और मूंग का उत्पादन होता है। इन सभी फसलों के समर्थन मूल्य में आने वाले समय में जोरदार बढ़ोतरी हो सकती है।
फिलाहल सामान्य धान का समर्थन मूल्य 1550 रुपए, ए ग्रेड धान का समर्थन मूल्य 1590 रुपए, मीडियम स्टेपल कपास का समर्थन मूल्य 4020 रुपए, लॉन्ग स्टेपल कपास का समर्थन मूल्य 4320 रुपए, मक्का का समर्थन मूल्य 1425 रुपए, तुअर का समर्थन मूल्य 5450 रुपए, उड़द का MSP 5400 रुपए,मूंग का MSP 5575 रुपए, बाजरा का MSP 1425 रुपए और रागी का MSP 1900 रुपए प्रति क्विंटल है। इन सभी फसलों के समर्थन मूल्य में आने वाले दिनों में जोरदार बढ़ोतरी हो सकती है।

10 करोड़ परिवारों को सालाना 5 लाख रुपए
वित्त मंत्री ने गरीब और निचले मध्यम वर्ग की स्वास्थ सुविधाओं पर खर्च को लेकर बड़ी घोषणा की है। वित्त मंत्री ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वास्थ संरक्षण योजना के तहत देश के 10 करोड़ परिवारों को स्वास्थ संबंधी खर्चों के लिए सालाना 5 लाख रुपए की मदद की जाएगी। 10 करोड़ परिवार में औसतन करीब 50 करोड़ आबादी आती है। यानि देश की आबादी के करीब 40 प्रतिशत हिस्से को यह फायदा पहुंचेगा। यह विश्व कि सबसे बड़ी स्वास्थ योजना होगी। इसके अलावा टीवी मरीजों को हर महीने अपने खर्च के लिए 500 करुए दिए जाने की घोषणा भी हुई है।

EPF में सरकार करेगी 12 प्रतिशत योगदान
वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि सभी सेक्टर के नए कर्मचारियों के लिए सरकार की तरफ से कर्मचारी भविष्य निधी में 12 प्रतिशत का योगदान किया जाएगा।
राष्ट्रपति सहित उपराष्ट्रपति और राज्यपाल के वेतन में बढ़ोतरी
राष्ट्रपति के वेतन को बढ़ाकर 5 लाख रुपए मासिक, उपराष्ट्रपति के वेतन को बढ़ाकर 4 लाख रुपए और राज्यपाल के वेतन को बढ़ाकर 3.5 लाख रुपए किया गया है। वित्त मंत्री ने सांसदों के वेतन की बढ़ोतरी के लिए भी कानून बनाने की बात कही है, हर 5 साल में सांसदों के वेतन पुनर्रविचार किया जाएगा।

छोटी कंपनियों को कार्पोरेट टैक्स में राहत
वित्त मंत्री ने छोटी कंपनियों को कार्पोरेट टैक्स से राहत देने का ऐलान किया है, जिन कंपनियों का सालाना टर्नओवर 250 करोड़ रुपए से कम होगा उनसे 25 प्रतिशत कार्पोरेट टैक्स वसूला जाएगा,







