1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. सड़क पर चलें संभलकर, भारत में 23 करोड़ में 57% वाहनों के पास नहीं है अनिवार्य थर्ड-पार्टी इंश्‍योरेंस कवर

सड़क पर चलें संभलकर, भारत में 23 करोड़ में 57% वाहनों के पास नहीं है अनिवार्य थर्ड-पार्टी इंश्‍योरेंस कवर

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Dec 10, 2020 10:21 am IST,  Updated : Dec 10, 2020 10:24 am IST

31 मार्च, 2019 तक भारतीय सड़कों पर 23 करोड़ वाहन सड़कों पर परिचालन में थे। इनमें से 57 प्रतिशत वाहनों के पास अनिवार्य थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कवर नहीं था

13.2 crore vehicles on indian roads are plying without third party insurance covers- India TV Hindi
13.2 crore vehicles on indian roads are plying without third party insurance covers Image Source : FILE PHOTO

नई दिल्‍ली। राज्‍यों में ट्रैफ‍िक पुलिस के कमजोर नियंत्रण, इंश्‍योरेंस कंपनियों द्वारा फॉलो-अप के अभाव और थर्ड-पार्टी कवर की बढ़ती लागत के परिणामस्‍वरूप बहुत बड़ी संख्‍या में वाहन मालिक अनिवार्य होने के बावजूद वाहन बीमा कवर नहीं खरीद रहे हैं। इंश्‍योरेंस इंफोर्मेशन ब्‍यूरो द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सड़कों पर अन-इंश्‍योर्ड वाहनों का अनुपात वित्‍त वर्ष 2018 के 54 प्रतिशत से बढ़कर वित्‍त वर्ष 2019 में 57 प्रतिशत हो गया है, जो 3 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

31 मार्च, 2019 तक भारतीय सड़कों पर 23 करोड़ वाहन सड़कों पर परिचालन में थे। इनमें से 57 प्रतिशत वाहनों के पास अनिवार्य थर्ड-पार्टी इंश्‍योरेंस कवर नहीं था। इसका मतलब है कि लगभग 13.2 करोड़ वाहन बिना बीमा के ही सड़कों पर चल रहे हैं। इन वाहनों के साथ दुर्घटना होने पर पीडि़त को पर्याप्‍त मुआवजा नहीं मिलेगा, क्‍योंकि इन वाहनों की जिम्‍मेदारी किसी भी बीमा कंपनी के पास नहीं है। इन वाहन मालिकों की स्थिति भी इतनी अच्‍छी नहीं होती कि वह मुआवजे का पूरा भुगतान कर पाएं।

यह भी पढ़ें: Maruti Suzuki India ने कर दी घोषणा, जनवरी-2021 से कारों की कीमत बढ़ जाएगी इतनी

रिपोर्ट के मुताबिक वित्‍त वर्ष 2017-18 में लगभग 21.1 करोड़ वाहन सड़कों पर थे और इनमें से 54 प्रतिशत या 11.4 करोड़ वाहन बिना बीमा कवर के चल रहे थे। एक साल में बिना बीमा वाले वाहनों की संख्‍या 2 करोड़ बढ़ गई।

यह भी पढ़ें: RBI ने किया ऐलान, सोमवार से बैंक RTGS मनी ट्रांसफर सर्विस होगी 24X7 घंटे उपलब्‍ध जानिए कितना लगेगा चार्ज

प्रीमियम मिला 64,522 करोड़ और दावों के भुगतान में खर्च हुए 35,519 करोड़

इंश्‍योरेंस इंफोर्मेशन ब्‍यूरो के मुताबिक वित्‍त वर्ष 2018-19 में भारतीय जनरल इंश्‍योरेंस कंपनियों ने प्रीमियम के रूप में 64,522.35 करोड़ रुपये का राजस्‍व हासिल किया और उन्‍होंने इस दौरान मोटर इंश्‍योरेंस दावों के तहत केवल 35,519 करोड़ रुपये का भुगतान किया। ब्‍यूरो ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मोटर दावों के 35,519 करोड़ रुपये में से 18,262 करोड़ रुपये वाहन क्षतिग्रस्‍त के तौर पर दिए गए और 14,257 करोड़ रुपये का भुगतान थर्ड-पार्टी उत्‍तरदायित्‍व के तौर पर किया गया।

यह भी पढ़ें:  Aadhaar Card Center: आप भी खोल सकते हैं आधार कार्ड सेंटर, अच्छी है कमाई, जानिए पूरी प्रक्रिया

 कुल पॉलिसी और दावों में सबसे ज्‍यादा योगदान लगभग 50 प्रतिशत छह राज्‍यों महाराष्‍ट्र, तमिलनाडु, उत्‍तर प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और दिल्‍ली का है। 15 राज्‍यों में 60 प्रतिशत से अधिक वाहन अन-इंश्‍योर्ड हैं। वित्‍त वर्ष 2018-19 के दौरान मृत्‍यु दावों के लिए औसत सेटलमेंट राशि 901,207 रुपये रही। चोट दावों के लिए औसत राशि 251,094 रुपये रही। मृत्‍यु दावों के लिए उच्‍चतम औसत केरल में 12,13,671 रुपये और निम्‍नतम बिहार में 614,306 रुपये रहा।  

यह भी पढ़ें: ई-कॉमर्स में Tata Group की धमाकेदार एंट्री, दो बड़े प्‍लेटफॉर्म में हिस्‍सेदारी खरीदने पर खर्च करेगा 1.2 अरब डॉलर

2018-19 में कुल 3.25 लाख थर्ड पार्टी दावें पेश किए गए और इनमें से लगभग 3.05 लाख थर्ड पार्टी दावों का पूरी तरह से निपटान किया गया। 2018-19 में रिपोर्ट हुए दावों की कुल राशि 14,257 करोड़ रुपये थी।  

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा