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कम्युनिकेशंस और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री हुए अलग, मनोज सिन्हा बने नए टेलीकॉम मिनिस्टर

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : Jul 06, 2016 09:41 pm IST,  Updated : Jul 06, 2016 09:41 pm IST

महत्वपूर्ण माने जाने वाले कम्युनिकेशंस और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री का अब विभाजन हो गया है। मनोज सिन्हा ने टेलीकॉम मिनिस्टर का कार्यभार संभाला है।

कम्युनिकेशंस और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री हुए अलग, मनोज सिन्हा बने नए टेलीकॉम मिनिस्टर- India TV Hindi
कम्युनिकेशंस और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री हुए अलग, मनोज सिन्हा बने नए टेलीकॉम मिनिस्टर

नई दिल्ली। बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले कम्युनिकेशंस और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री का अब विभाजन हो गया है। मनोज सिन्हा ने टेलीकॉम मिनिस्टर का कार्यभार संभाला है। टेलीकॉम मिनिस्ट्री जल्द ही देश अब तक की सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम नीलामी का आयोजन करने जा रही है। वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद को नया विधि एवं न्याय मंत्री बनाया गया है। वह आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का कार्यभार देखते रहेंगे। अभी तक प्रसाद के पास संचार और आईटी पोर्टफोलियो दोनों थे।

दूरसंचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का पदभार संभालने के बाद सिन्हा ने कहा, मैं दूरसंचार पर अपने विचार परसों रखूंगा। सिन्हा उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से लोकसभा सदस्य हैं। सिविल इंजीनियरिंग में एम टेक सिन्हा के दूरसंचार मंत्री के रूप में हाथ पूरी तरह भरे होंगे। भारत में मोबाइल ग्राहकों की संख्या दुनिया में दूसरे नंबर पर हैं, जबकि यहां दरें सबसे कम हैं। इस क्षेत्र में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर जैसी बड़ी कंपनियां बाजार में दबदबे के लिए प्रतिद्वंद्विता कर रही हैं।

एक तरफ दूरसंचार विभाग सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम नीलामी की तैयारी कर रहा है। इस नीलामी में 5.66 लाख करोड़ रुपए का स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए रखा जाएगा। वहीं दूसरी ओर सिन्हा के सामने कॉल ड्रॉप के मुद्दे को हल करने की भी चुनौती होगी। उच्चतम न्यायालय ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की कॉल ड्रॉप के लिए मुआवजा योजना का खारिज कर दिया है। कॉल ड्रॉप पर अंकुश के लिए ट्राई ने अधिक अधिकार मांगे हैं। इनमें ऑपरेटरों पर 10 करोड़ रुपए का जुर्माना और उनके कार्यकारियों को दो साल तक की जेल की सजा की मांग शामिल है।

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