मुंबई। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 15 मार्च को समाप्त सप्ताह में 3.60 अरब डॉलर की भारी वृद्धि के साथ 405.63 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक ने बताया कि इसका कारण विदेशी मुद्रा आस्तियों में भारी वृद्धि होना था। इससे पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार 25.88 करोड़ डॉलर बढ़कर 402.03 अरब डॉलर हो गया था।
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भारतीय रिज़र्व बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा यानी विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 3.54 अरब डॉलर की वृद्धि के साथ 377.77 अरब डॉलर हो गईं। लोकसभा चुनाव से पहले विदेशी निवशकों द्वारा घरेलू शेयर बाजार में भारी निवेश करने की वजह से यह इजाफा हुआ है।
विदेशी मुद्रा भंडार में मौजूद गैर-डॉलर मुद्राओं जैसे यूरो, पौंड और येन में होने वाले उतार-चढ़ाव का भी असर मुद्रा भंडार पर पड़ता है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार इससे पहले 13 अप्रैल, 2018 को समाप्त सप्ताह में 426.02 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद से इसमें काफी गिरावट आई है।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह में देश का आरक्षित स्वर्ण भंडार 3.89 करोड़ डॉलर बढ़कर 23.40 अरब डॉलर हो गया। सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास सुरक्षित विशेष निकासी अधिकार भी 59 लाख डॉलर बढ़कर 1.46 अरब डॉलर हो गया। केंद्रीय बैंक ने कहा कि आईएमएफ में देश का आरक्षित भंडार भी 1.21 करोड़ डॉलर बढ़कर 2.99 अरब डॉलर हो गया।