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फेस्टिव सेल के बीच Flipkart, Amazon को सरकार ने दिया नोटिस, उत्पादों पर अनिवार्य सूचना नहीं देने का है मामला

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Oct 17, 2020 11:00 am IST,  Updated : Oct 17, 2020 11:00 am IST

Flipkart, Amazon के अलावा नोटिस अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों को जारी किए गए हैं। कंपनियों से 15 दिन के भीतर नोटिस का जवाब देने को कहा गया है।

Govt issues notices to Flipkart, Amazon - India TV Hindi
Govt issues notices to Flipkart, Amazon

नई दिल्‍ली। सरकार ने शुक्रवार को फ्लिपकार्ट, अमेजन सहित सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस जारी किया है। ये नोटिस इन ई-कॉमर्स कंपनियों के जरिये बिकने वाले सामानों पर उनकी उत्पत्ति वाले देश की जानकारी तथा अन्य जरूरी सूचना नहीं दिए जाने को लेकर दिए  गए हैं। ये नोटिस उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं जन वितरण मंत्रालय के तहत आने वाले उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा जारी किए गए हैं।

सूत्रों ने कहा कि अमेजन और फ्लिपकार्ट के अलावा नोटिस अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों को जारी किए गए हैं। कंपनियों से 15 दिन के भीतर नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। सभी कंपनियों को एक जैसी शब्दों वाले इस नोटिस में कहा गया है कि यह पाया गया कि कुछ ई-वाणिज्य कंपनियां अपने डिजिटल मंच से बिकने वाले उत्पादों पर जरूरी जानकारी नहीं दे रही हैं जबकि यह लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) रूल्स, 2011 के तहत जरूरी है।

फ्लिपकार्ट इंडिया प्राइवेट लि.और अमेजन डेवलपमेंट सेंटर इंडिया प्राइवेट लि. को भेजे गए  नोटिस के अनुसार वे ई-कॉमर्स इकाइयां हैं और इसीलिए उन्हें यह सुनिश्चित करना है कि ई-कॉमर्स सौदों के लिए उपयोग होने वाले डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क पर सभी जरूरी जानकारी दी जाए। नोटिस के अनुसार दोनों कंपनियों ने जरूरी सूचना नहीं दी और कानून का उल्लंघन किया। 

उत्‍पत्ति वाले देश के नाम की घोषणा करने वाला यह प्रावधान जनवरी, 2018 से सभी विनिर्माताओं, आयातकों, पैकर्स और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए लागू किया गया है। कॉमर्स म‍िनिस्‍ट्री ने अब ई-कॉमर्स कंपनियों को इस प्रावधान का कढ़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।

प्रावधान के तहत ऑफलाइन या ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्म पर बेचे जाने वाले उत्‍पादों पर एमआरपी, डेट ऑफ एक्‍सपायरी, नेट क्‍वांटिटी और कंज्‍यूमर केयर डिटेल्‍स के अलावा कंट्री ऑफ ओरीजिन बताना भी अनिवार्य है। जनवरी, 2018 में सरकार ने लीगल मेट्रोलॉजी (पैक्‍ड कमोडिटीज) नियम, 2011 में संशोधन कर कंट्री ऑफ ओरीजिन का एक नया प्रावधान जोड़ा था।  

जून में, डीपीआईआईटी ने अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों से उनके प्‍लेटफॉर्म पर बिकने वाले प्रत्‍येक उत्‍पाद पर कंट्री ऑफ ओ‍रीजिन का उल्‍लेख करने संबंधी इस प्रावधान पर विचार मांगे थे। लद्दाख में भारत और चीनी सेना के बीच हुई झड़प के बाद चीनी उत्‍पादों के बहिष्‍कार के चलते इस प्रावधान को कठोतरा से पालन करने का दबाव बनाया जा रहा है।

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