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सुरक्षा रियल्टी ने जेपी इंफ्रा को दिया 7,857 करोड़ की भूमि का प्रस्ताव

मुंबई की सुरक्षा रियल्टी ने दिवालिया हो चुके जेपी इंफ्राटेक के वित्तीय कर्जदाताओं को 7,857 करोड़ रुपए के भूखंड का प्रस्ताव दिया है।

Written by: India TV Business Desk
Published on: November 24, 2019 18:04 IST
Jaypee Infratech- India TV Paisa

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नई दिल्ली। मुंबई की सुरक्षा रियल्टी ने दिवालिया हो चुके जेपी इंफ्राटेक के वित्तीय कर्जदाताओं को 7,857 करोड़ रुपए के भूखंड का प्रस्ताव दिया है। सुरक्षा द्वारा कर्जदाताओं को दिए गए प्रस्ताव की पुनर्भुगतान राशि 7,882 करोड़ रुपए है, जबकि कर्जदाताओं ने दिवालिया प्रक्रिया में 9,782 करोड़ रुपए का दावा किया है।

अन्य प्रतिस्पर्धी एनबीसीसी (इंडिया) ने अपने प्रस्ताव योजना में 5,001 करोड़ रुपए मूल्य भूमि बैंक के ट्रांसफर के जरिए 9,782.60 करोड़ रुपए की पूरी राशि का भुगतान करने की पेशकश की है। सुरक्षा ने अपने प्रस्ताव योजना में इक्विटी के माध्यम से फंड के संचार के जरिए अनुमोदन के 90 दिनों के भीतर 25 करोड़ रुपए के अग्रिम भुगतान का आश्वासन दिया गया है। इसके प्रस्ताव योजना में कहा गया, धनराशि को एसपीवी (स्पेशल परपज व्हिकल) में स्थानांतरित किया जाएगा, जिसे आगे ऋण के पुनर्भुगतान के लिए कॉर्पोरेट देनदार (जेआईएल) को दिया जाएगा।

घर खरीदारों की चाह, जेपी इंफ्रा को खरीदे एनबीसीसी

जेपी इंफ्राटेक के घर खरीदार चाहते हैं कि जारी दिवाला एवं ऋणशोधन प्रक्रिया में सरकारी कंपनी एनबीसीसी कर्ज में फंसी कंपनी को खरीद ले। उन्होंने कर्जदाताओं की समिति में शामिल अपने प्रतिनिधि को पत्र लिखकर एनबीसीसी द्वारा रखे गए प्रस्ताव पर और बातचीत करने को कहा है। कर्जदाताओं की समिति में कुलदीप वर्मा घर खरीदारों के प्रतिनिधि हैं। घर खरीदारों के नौ पंजीकृत संगठनों की वकालत करने वाली तथा उन्हें परामर्श देने वाली कानूनी सेवा कंपनी पीएंडए लॉ ऑफिसेज ने वर्मा को पत्र लिखकर इस आशय का निर्देश दिया है। 

पत्र में कहा गया है, 'घर खरीदार एकमत से चाहते हैं कि एनबीसीसी जेपी इंफ्रा को खरीद ले। अत: आपको निर्देश दिया जाता है कि एनबीसीसी के साथ चर्चा करें ताकि संशोधित बोली पर पहले मतदान हो सके।' पीएंडए लॉ ऑफिसेज ने इस बात का भी उल्लेख किया है कि जेपी इंफ्रा को खरीदने की दौड़ में शामिल सुरक्षा रियल्टी को दोनों प्रस्तावों की समीक्षा के परिणाम के आधार पर मतदान प्रक्रिया के लिए पहले रखा जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि प्राथमिक मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा रियल्टी को 100 में से 27 अंक तथा एनबीसीसी को 100 में से 20 अंक मिले हैं। 

खरीदारों ने वर्मा से कहा है कि एनबीसीसी से बातचीत के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि (कब्जे में विलंब के लिए) उनको मुआवजा मिले और निर्माण में देरी देरी के एवज में कंपनी की ओर से मकानों लागत में कोई बढोतरी न की जाए। धर खरीदारों के कानूनी सलाहकार का कहा है कि एनबीसीसी को कम अंक इस लिए मिला है क्यों कि मूल्यांकन एजेंसी ने एनबीसीसी की पेशकश के दो प्रस्तावों पर गौर नहीं किया है। इनमें बिना दावे के पड़े फ्लैटों की बिक्री का आधा पैसा तथा 858 एकड़ जमीन की बिक्री का 75 प्रतिशत धन जयप्रकाश एसोसिएट द्वारा जेपी इंफ्रा को लौटाया जा सकता है। 

मूल्यांकन एजेंसी ने कहा कि इन दोनों प्रस्तावों के लागू होने से कितनी आय मिलेगी इसका मूल्यांकन कठिन है। इन दो प्रावधानों से कर्जदाताओं को एनबीसीसी से 2000-2500 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। हालांकि मूल्यांकन एजेंसी का कहना है कि जमीन का मूल्यांकन मुश्किल है तथा बिना दावा वाले फ्लैटों की संख्या स्पष्ट नहीं है। (इनपुट- भाषा/IANS)

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