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कार्नेशन ऑटो में बैंकों को कुछ भी गलत नहीं मिला: मारुति के पूर्व प्रमुख ने कहा

केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा कथित कर्ज धोखाधड़ी प्रकरण में मामला दर्ज किये जाने के कुछ ही घंटे बाद जगदीश खट्टर ने मंगलवार को कहा कि बैंकों की तरफ से स्वतंत्र तौर पर कराये गये विस्तृत फारेंसिंग आडिट में कारनेशन आटो के कामकाज में कुछ भी गलत नहीं पाया गया।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: December 24, 2019 23:34 IST
Jagdish Khattar- India TV Paisa

Jagdish Khattar (File Photo)

नयी दिल्ली: केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा कथित कर्ज धोखाधड़ी प्रकरण में मामला दर्ज किए जाने के कुछ ही घंटे बाद जगदीश खट्टर ने मंगलवार को कहा कि बैंकों की तरफ से स्वतंत्र तौर पर कराये गए विस्तृत फारेंसिंग आडिट में कार्नेशन ऑटो के कामकाज में कुछ भी गलत नहीं पाया गया। जगदीश खट्टर मारुति सुजुकी के पूर्व प्रमुख हैं और कंपनी से सेवानिवृति के बाद उन्हांने कार्नेशन ऑटो खड़ी की। सीबीआई ने 110 करोड़ रुपये के कथित बैंक कर्ज घोटाले में खट्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि जांच करने वाले ऑडिट प्रशासन को कंपनी के वित्तीय प्रबंधन अथवा संचालन में किसी भी तरह की खामी नहीं मिली। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक बार जांच पूरी हो जाने पर वह सही साबित हो जायेंगे। 

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खट्टर ने कहा, ‘‘उनकी कंपनी कार्नेशन ऑटो के कारोबार के असफल हा जाने के बाद बैंकों की तरफ से विस्तृत स्वतंत्र फारेंसिंग आडिट जांच कराई गई। यह जांच समाधान पेशेवरों की देखरेख में एक जाने माने स्वतंत्र ऑडिटर ने की और इसमें उन्हें कुछ भी नहीं मिला।’’ खट्टर 1993 से लेकर 2007 तक मारुति उद्योग लिमिटेड में रहे और कंपनी के प्रबंध निदेशक के तौर पर सेवानिवृत हुए। कंपनी से सेवानिवृत्ति के बाद उनहोंने कार्नेशन ऑटो कंपनी की शुरुआत की। इसके लिए उन्होंने 2009 में 170 करोड़ रुपए का कर्ज लिया। 

प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में कहा गया है कि यह कर्ज 2012 के बाद से 2015 आते आते गैर- निष्पादित राशि (एनपीए) घोषित कर दिया गया। सीबीआई ने पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की अपाराधिक साजिश और धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर दी। खट्टर का कहना है कि उसने अपने पूरे जीवन की कमाई कंपनी में निवेश कर दी थी। ‘‘मैं समझता हूं कि बैंक तय प्रक्रिया का अनुसरण कर रहा है। मैं हर समय उपलब्ध रहूंगा और सभी एजेंसियों के साथ पूरी तरह से मदद करूंगा। जो भी दावे किए जा रहे हैं उनका फारेंसिंग ऑडिट के दौरान विस्तृत तौर पर परीक्षण और जांच की जा चुकी है। हमने हर सवाल का संतोषजनक जवाब दिया है।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘फारेंसिक आडिट के दौरान हर सवाल का हमने स्पष्ट जवाब दिया है और मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि जांच पूरी होने पर हम सही साबित होंगे।’’ खट्टर की कंपनी कारनेशन आटो में ग्राहकों के लिये मल्टी-ब्रांड ऑटो निदान प्लेटफार्म उपलब्ध कराया गया। यह प्लेटफार्म उन ग्राहकों के लिये बनाया गया जिनकी कार वारंटी समाप्त हो चुकी है और जिन्हें कार रखरखाव के लिए ऊंची लागत का भुगतान करना पड़ता है। खट्टर ने कहा दुर्भाग्य से ऑटो कंपनियों द्वारा एकजुट होकर असली कलपुर्जे उपलब्ध नहीं कराए जाने सहित कई कारणों से उनका यह व्यवसाय असफल रहा। इसमें असफलता की वजह वास्तविक रही।

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