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लंबे lockdown से हाशिये पर चले जाएंगे लाखों भारतीय: पूर्व आरबीआई गवर्नर

राव ने कहा कि पिछले साल वृद्धि दर पांच फीसदी रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा, ‘‘जरा सोचिए, पिछले साल पांच फीसदी की वृद्धि और इस साल सीधे गिरावट या शून्य वृद्धि की ओर हम जा रहे हैं, इस हिसाब से सीधे पांच फीसदी की गिरावट है।’’

Bhasha Bhasha
Updated on: April 26, 2020 22:46 IST
Lockdown- India TV Paisa
Photo:PTI

Representational Image

हैदराबाद. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर दुव्वुरी सुब्बा राव ने रविवार को कहा कि लॉकडाउन लंबा खिंचने से लाखों भारतीय हाशिये पर पहुंच जायेंगे। हालांकि, उन्होंने कोरोना वायरस महामारी समाप्त होने के बाद अर्थव्यवस्था में तेज वापसी की उम्मीद जताते हुए कहा कि भारत में वापसी की गति अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में तेज रह सकती है।

वह मंथन फाउंडेशन द्वारा यहां आयोजित एक वेबिनार में कोरोना वायरस के बाद की स्थिति पर आयोजित सम्मेलन में बोल रहे थे। इसमें आरबीआई की पूर्व डिप्टी गवर्नर उषा थोरट ने भी हिस्सा लिया। सुब्बा राव ने इस मौके पर कहा, "चूंकि अधिकांश विश्लेषकों का मानना है कि इस वर्ष भारतीय अर्थव्यवस्था में वास्तव में गिरावट आ जायेगी या फिर वृद्धि में काफी गिरावट आयेगी। हमें याद रखना चाहिए कि इस संकट के दो महीने पहले भी हमारी वृद्धि दर कम हो रही थी। अब यह (वृद्धि दर) पूरी तरह से ठहर गयी है।’’

राव ने कहा कि पिछले साल वृद्धि दर पांच फीसदी रहने का अनुमान है। ‘जरा सोचिए, पिछले साल पांच फीसदी की वृद्धि और इस साल सीधे गिरावट या शून्य वृद्धि की ओर हम जा रहे हैं, इस हिसाब से सीधे पांच फीसदी की गिरावट है।’

उन्होंने कहा, “यह सच है कि भारत इस संकट में अन्य देशों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करने जा रहा है, लेकिन यह संतोष की बात नहीं है, क्योंकि हम बहुत गरीब देश हैं। यदि संकट बना रहता है और जल्द ही लॉकडाउन नहीं हटाया जाता है, तो यह बहुत संभव है कि लाखों लोग हाशिये पर पहुंच जायेंगे और उनके सामने अस्तित्व को बचाये रखने का संकट खड़ा हो जायेगा। पूर्व आरबीआई गवर्नर ने वर्तमान परिस्थितियों पर विचारों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि विश्लेषकों की भविष्यवाणी के अनुसार, भारत में तेजी से वापसी होगी, जो अधिकांश अन्य देशों की तुलना में बेहतर है।"

उन्होंने कहा, ‘‘ और हम वी-आकार की वापसी की उम्मीद क्यों करते हैं? क्योंकि एक चक्रवात या भूकंप की तरह यह एक प्राकृतिक आपदा नहीं है। इसमें पूंजी बर्बाद नहीं हुई है। कारखाने अपनी जगह पर ही हैं। हमारी दुकानें भी अभी खड़ी हैं। लॉकडाउन हटते ही हमारे लोग काम करने को तैयार हैं। इसलिए यह काफी संभव है कि वी-आकार की वापसी होगी और ऐसे में मुझे लगता है कि भारत के पास ज्यादातर देशों की तुलना में बेहतर मौका है।‘‘ 

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