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रिजर्व बैंक के गवर्नर कोरोना से संक्रमित, ट्वीट कर दी जानकारी

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। उन्होने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। ट्वीट के जरिए गवर्नर ने लिखा कि वो कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। लक्षण नहीं दिख रहे हैं और वे खुद को बेहतर महसूस कर रहे हैं।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: October 25, 2020 21:38 IST
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Photo:FILE PHOTO

रिजर्व बैंक गवर्नर कोरोना से संक्रमित

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। उन्होने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। ट्वीट के जरिए गवर्नर ने लिखा कि वो कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। लक्षण नहीं दिख रहे हैं। और वे खुद को बेहतर महसूस कर रहे हैं। गर्वनर ने लिखा कि उन्होने उन सभी को सूचित कर दिया है जो बीते दिनों उनके संपर्क में आए थे। गर्वनर ने जानकारी दी को वो एकांत मे रहकर काम जारी रखेंगे और रिजर्व बैंक में कामकाज सामान्य रूप से होता रहेगा। गर्वनर ने कहा कि वो सभी अधिकारियों से टेलीफोन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए संपर्क में रहेंगे।

महामारी के बीच अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए रिजर्व बैंक लगातार प्रयास कर रहा है, फिलहाल रिजर्व बैंक के गर्वनर ने संकेत दिए हैं कि बैंक प्रमुख दरों में कटौती कर सकता है हालांकि ये राहत सही समय पर ही जारी होगी। कल जारी हुए एमपीसी की बैठक के ब्योरे के मुताबिक बैठक के दौरान रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि नीतिगत दर में कटौती की गुंजाइश है लेकिन इस दिशा में आगे कदम महंगाई दर पर उभरती स्थिति पर निर्भर करेगा जो फिलहाल केंद्रीय बैंक के लक्ष्य स्तर से ऊपर चल रही है। एमपीसी की बैठक इस माह की शुरुआत में सात से नौ अक्टूबर के दौरान हुई थी। समिति ने खुदरा मुद्रास्फीति में तेजी को देखते हुए नीतिगत दर को यथावत रखने का निर्णय लिया। गवर्नर ने कहा कि 2020-21 की पहली तिमाही में आर्थिक गतिविधियों में तीव्र गिरावट के बाद दूसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियों की स्थिति के बारे में संकेत देने वाले महत्वपूर्ण आंकड़ें (पीएमआई, निर्यात, बिजली खपत आदि) स्थिति में सुधार का इशारा करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, कुछ अनिश्चितताएं भी हैं, जो शुरूआती रिकवरी को रोक सकती हैं। उसमें मुख्य रूप से कोविड-19 के मामलों में फिर से बढ़ोतरी की आशंका है। घरेलू वित्तीय स्थिति में सुधार के बावजूद निजी निवेश गतिविधियां नरम रह सकती हैं।’’

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