1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. GDP में इस साल आ सकती है 9.5 प्रतिशत गिरावट, जानिए RBI मौद्रिक नीति समिति बैठक की 13 मुख्य बातें

GDP में इस साल आ सकती है 9.5 प्रतिशत गिरावट, जानिए RBI मौद्रिक नीति समिति बैठक की 13 मुख्य बातें

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Oct 09, 2020 11:49 am IST,  Updated : Oct 09, 2020 11:58 am IST

दास ने कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में अर्थव्यवस्था में आई गिरावट अब पीछे रह गई है और अर्थव्यवस्था में उम्मीद की किरण दिखने लगी है।

RBI says GDP likely to contract 9.5 pc in FY'21, know 13 main points of Monetary Policy Committee- India TV Hindi
RBI says GDP likely to contract 9.5 pc in FY'21, know 13 main points of Monetary Policy Committee Image Source : FILE PHOTO

नई दिल्‍ली। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। मौद्रिक नीति समिति की तीन दिन चली समीक्षा बैठक के बाद रिजर्व बैंक ने यह अनुमान व्यक्त किया है। इससे पहले केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी अनुमान के अनुसार पहली तिमाही में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में 23.9 प्रतिशत की गिरावट आई है। मौद्रिक नीति समिति की बुधवार को शुरू हुई बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस के खिलाफ अभियान में निर्णायक चरण में प्रवेश कर रही है।

दास ने कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में अर्थव्यवस्था में आई गिरावट अब पीछे रह गई है और अर्थव्यवस्था में उम्मीद की किरण दिखने लगी है। उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र और ऊर्जा खपत में तेजी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति भी 2020-21 की चौथी तिमाही में कम होकर तय लक्ष्य के दायरे में आ सकती है। उल्लेखनीय है कि खुदरा मुद्रास्फीति हाल के महीनों में छह प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई। आरबीआई मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति (सीपीआई) पर गौर करता है। सरकार ने आरबीआई को दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ मुद्रास्फीति को 4 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य दिया हुआ है।

दास ने कहा कि जीडीपी में चालू वित्त वर्ष में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है। उन्होंने यह भी कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और जनवरी-मार्च तिमाही में यह सकारात्मक दायरे में पहुंच सकती है।

मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक की प्रमुख बातें

  1. रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति की समीक्षा पर हुई इस साल की पांचवीं बैठक में नीतिगत दर को चार प्रतिशत पर बरकरार रखा है।
  2. नवगठित मौद्रिक नीति समिति की यह पहली बैठक थी।
  3. रिजर्व बैंक ने प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 4 प्रतिशत पर बरकरार रखा।
  4. आरबीआई ने आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिए उदार रुख बरकरार रखने की घोषणा की।
  5. दास ने कहा, कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में भारतीय अर्थव्यवस्था निणार्यक चरण में प्रवेश कर रही है।
  6. अर्थव्यवस्था में पहली तिमाही में आई गिरावट पीछे छूट चुकी है, स्थिति में सुधार के संकेत दिखने लगे हैं।
  7. नियंत्रण अथवा अंकुश लगाने के बजाये अब अर्थव्यवस्था को उबारने पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत।
  8. चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही तक मुद्रास्फीति के तय लक्ष्य के दायरे में आ जाने का अनुमान।
  9. जीडीपी के चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही तक संकुचन के रास्ते से हटकर फिर से वृद्धि के रास्ते पर आने का अनुमान।
  10. वित्त वर्ष की पहली छमाही के धीमे सुधार को दूसरी छमाही में मिल सकती है गति, तीसरी तिमाही से आर्थिक गतिविधियां बढ़ने लगेंगी।
  11. चालू वित्त वर्ष में वास्तविक जीडीपी दर में आ सकती है 9.5 प्रतिशत की गिरावट।
  12. रिजर्व बैंक प्रणाली में संतोषजनक तरलता की स्थिति बनाए रखेगा, अगले सप्ताह खुले बाजार परिचालन के तहत 20,000 करोड़ रुपए जारी किए जाएंगे।
  13. मुद्रास्फीति में आया मौजूदा उभार अस्थाई, कृषि परिदृश्य दिख रहा उज्ज्वल, कच्चे तेल की कीमतें दायरे में रहने की उम्मीद।

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा