नई दिल्ली। लघु एवं मझोले उद्यमों (SME) ने बीते वित्त वर्ष 2017-18 में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) से 2,155 करोड़ रुपए जुटाए हैं। यह इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में दोगुना से भी अधिक है। IPO दस्तावेजों के अनुसार लघु एवं मझोले उद्यमों कारोबारी विस्तार, कार्यशील पूंजी की जरूरत और अन्य सामान्य कंपनी कामकाज के लिए आईपीओ से धन जुटाया है। इसमें निवेशकों को भी लाभ मिला है।
बीते वित्त वर्ष में आईपीओ के जरिए 148 एसएमई ने 2,155 करोड़ रुपए जुटाए। वहीं इससे पिछले वित्त वर्ष 2016-17 में 80 कंपनियों ने आईपीओ से 810 करोड़ रुपए जुटाए थे। 2015-16 में 46 कंपनियों ने आईपीओ से 303 करोड़ रुपये जुटाए थे। ये कंपनियां बीएसई और एनएसई के एसएमई प्लेटफार्म पर सूचीबद्ध हुई हैं।
पैंटोमैथ ग्रुप के प्रबंध निदेशक महावीर लुनावत ने कहा कि हालिया समाप्त वित्त वर्ष में एसएमई कंपनियों के आईपीओ में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। निकट भविष्य में भी हमें यही रुख जारी रहने की उम्मीद है।
राज्यवार बात की जाए, तो गुजरात की सबसे अधिक 50 कंपनियां एसएमई एक्सचेंजों में सूचीबद्ध हुईं। इसके बाद महाराष्ट्र (43), मध्य प्रदेश (13), दिल्ली (10), तेलंगाना (5) और पश्चिम बंगाल (5) का स्थान आता है।