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RBI ने स्‍मॉल बैंक लाइसेंस देने में नहीं किया नियमों का पालन, स्वामी ने की CBI जांच की मांग

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Jun 15, 2016 05:16 pm IST,  Updated : Jun 15, 2016 05:21 pm IST

सुब्रमणियम स्वामी ने रिजर्व बैंक द्वारा 10 स्‍मॉल बैंक के लिए लाइसेंस देने में अपने नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाते हुए CBI जांच की मांग की है।

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RBI ने स्‍मॉल बैंक लाइसेंस देने में नहीं किया नियमों का पालन, स्वामी ने की CBI जांच की मांग

नई दिल्ली। भाजपा नेता सुब्रमणियम स्वामी ने रिजर्व बैंक द्वारा 10 स्‍मॉल फाइनेंस बैंक के लिए लाइसेंस देने में अपने नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में CBI की अगुवाई में जांच की मांग की है। रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध करते हुए राज्यसभा सदस्य ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बैंक ने 10 इकाइयों को सैद्धांतिक मंजूरी दी, जबकि वे शीर्ष बैंक के विदेशी होल्डिंग से संबंधित नियम समेत दिशानिर्देशों में निर्धारित योग्यता मानदंडों को पूरा नहीं करते थे।

स्वामी ने कहा कि रिजर्व बैंक में मंजूरी देने के मामले में अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया और ऐसा जान पड़ता है कि गलत तरीके से नियमों की अनदेखी की गई। उल्लेखनीय है कि इससे पहले स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राजन को बर्खास्त करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि राजन ब्याज दर में कमी लाने तथा अर्थव्यवस्था को गति देने में विफल रहे हैं। उन्होंने ये लाइसेंस दिए जाने के मामले में कोष के संभावित मनी लांड्रिंग से जोड़े जाने का भी अनुरोध किया, जो राजनेताओं और नौकरशाहों का हो सकता है और ये नौकरशाह पूर्व वित्त मंत्री के मित्र हैं, जिनका मंत्रालय में अभी भी उच्च पदों पर दबदबा है।

सुब्रमणियम स्वामी ने कहा कि स्‍मॉल फाइनेंस बैंक के लिए निजी क्षेत्र में 10 लाइसेंस दिए गए, जबकि वे रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करते थे और यह केंद्रीय बैंक के निर्णय में गलती की पुष्टि करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है, इसीलिए ये अवैध मंजूरी भ्रष्टाचार निरोधक कानून (1988) की धारा 13 (1) (D) (3) के तहत आता है। रिजर्व बैंक के मौजूदा गवर्नर को इस मामले में जांच में जवाब देने की जरूरत है। स्वीमा ने कहा, इसीलिए आप CBI की अगुवाई में एसआईटी (विशेष जांच दल) से जांच पर विचार कर सकते हैं।

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