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साल 2025 तक टोल राजस्व 1.34 लाख करोड़ रुपये सालाना हो जायेगा: गडकरी

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की वित्तीय स्थिति काफी बेहतर है। देश का टोल राजस्व, फिलहाल प्रति वर्ष 34,000 करोड़ रुपये है, वह वर्ष 2025 तक प्रतिवर्ष 1.34 लाख करोड़ रुपये को छू जाएगा।

Edited by: India TV Paisa Desk
Published : Jan 20, 2021 10:37 pm IST, Updated : Jan 20, 2021 10:37 pm IST
टोल राजस्व में तेज...- India TV Paisa
Photo:PTI

टोल राजस्व में तेज बढ़त की उम्मीद

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की वित्तीय स्थिति, कहीं बेहतर स्थिति में है और देश का टोल राजस्व, जो फिलहाल प्रति वर्ष 34,000 करोड़ रुपये है, वह वर्ष 2025 तक प्रतिवर्ष 1.34 लाख करोड़ रुपये को छू जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘‘अब मेरे लिए बड़ी चुनौती यह है कि हम इस परियोजना का मौद्रीकरण कैसे करने जा रहे हैं और हम कैसे धन जुटाने जा रहे हैं। यह महत्वपूर्ण है कि हम इसके लिए विभिन्न प्रकार के समाधान अपना रहे हैं।’’ एक इवेंट 'लीडरशिप समिट 2021' और 14 वें आईसीएआई (इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया) अवार्ड्स में गडकरी ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट हमारी अर्थव्यवस्था का विकास इंजन हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा समय में, एनएचएआई की आर्थिक स्थिति वास्तव में बेहतर स्थिति में है। हमारी मौजूदा टोल आय 34,000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष है और 2025 तक हमारे पास 1.34 लाख करोड़ रुपये की आय होगी।’’

गडकरी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और अब देश को वित्तपोषण में विभिन्न प्रकार के इनोवेशन अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी कुल प्रणाली डिजिटल है और मुझे यकीन है कि हमें अपने देश के विकास के लिए विदेशी निवेश की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा कि नीति बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की पहल को विकसित करने की आवश्यकता है, जिसके माध्यम से हम देश में अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त कर सकते हैं। गडकरी ने यह भी कहा कि सामाजिक आर्थिक परिवर्तन और गरीबी उन्मूलन बड़ी चुनौतियां हैं, लेकिन नवीन वित्तपोषण मॉडल, नई तकनीक और अनुसंधान कौशल के साथ, ज्ञान को धन में परिवर्तित करना संभव है। सरकार टोल से राजस्व बढ़ाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है। इस साल की शुरुआत के साथ ही फास्टेग को अनिवार्य कर दिया गया है।

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