1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. धोलेरा सेमीकंडक्टर प्लांट का निर्माण इसी साल होगा शुरू,टाटा ग्रुप ने कर दिया ऐलान

धोलेरा सेमीकंडक्टर प्लांट का निर्माण इसी साल होगा शुरू,टाटा ग्रुप ने कर दिया ऐलान

 Published : Feb 29, 2024 10:11 pm IST,  Updated : Feb 29, 2024 10:11 pm IST

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएसएमसी के साथ साझेदारी में धोलेरा में सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र लगाने के टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। प्लांट के बनने से यहां 20,000 से अधिक रोजगार पैदा होंगे।

 यह भारत का पहला कॉमर्शियल सेमीकंडक्टर प्लांट होगा। - India TV Hindi
यह भारत का पहला कॉमर्शियल सेमीकंडक्टर प्लांट होगा। Image Source : ANI

टाटा ग्रुप ने गुरुवार इस बात का ऐलान कर दिया है कि गुजरात के धोलेरा में पीएसएमसी के साथ पार्टनरशिप में प्लांट का निर्माण इसी साल शुरू हो जाएगा। टाटा ग्रुप (टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स) और पीएसएमसी मिलकर 91,000 करोड़ रुपये की लागत से इस प्लांट का निर्माण करेंगे। भाषा की खबर के मुताबिक, इस प्लांट के बनने से यहां 20,000 से अधिक रोजगार पैदा होंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएसएमसी के साथ साझेदारी में धोलेरा में सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र लगाने के टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

टाटा ग्रुप ने कहा-प्लांट हमारी विरासत को आगे बढ़ाएगा

खबर के मुताबिक, यह भारत का पहला कॉमर्शियल सेमीकंडक्टर प्लांट होगा। इसके साथ ही यह टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का ग्लोबल सेमीकंडक्टर उद्योग में एंट्री का भी जरिया होगा। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा समूह की देश में कई क्षेत्रों में अग्रणी रहने की परंपरा है, और हमें विश्वास है कि सेमीकंडक्टर विनिर्माण में भी हमारा प्रवेश इस विरासत को आगे बढ़ाएगा।

प्रत्यक्ष और परोक्ष कुशल नौकरियां पैदा होंगी

टाटा समूह की कंपनी ने कहा कि इस प्लांट का निर्माण इस साल 91,000 करोड़ रुपये (11 अरब अमेरिकी डॉलर) के कुल निवेश के साथ शुरू होगा और इससे क्षेत्र में 20,000 से ज्यादा प्रत्यक्ष और परोक्ष कुशल नौकरियां पैदा होंगी। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई)-सक्षम अत्याधुनिक संयंत्र लगाने के लिए पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन (पीएसएमसी) के साथ मिलकर काम किया है।

प्लांट की मैनुफैक्चरिंग क्षमता

धोलेरा सेमीकंडक्टर प्लांट की मैनुफैक्चरिंग क्षमता प्रति माह 50,000 वेफर्स तक होगी। यहां पर वाहन, कंप्यूटिंग और डेटा स्टोरेज, वायरलेस संचार और एआई जैसे बाजारों में बढ़ती मांग को संबोधित करते हुए बिजली प्रबंधन आईसी, डिस्प्ले ड्राइवर, माइक्रोकंट्रोलर (एमसीयू) और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग लॉजिक जैसे एप्लिकेशन के लिए चिप बनाए जाएंगे। सरकार ने आज तीन सेमीकंडक्टर प्लांट के निर्माण को मंजूरी दी है। तीन सेमीकंडक्टर यूनिट्स में कुल निवेश 1.26 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा