1. You Are At:
  2. Hindi News
  3. पैसा
  4. बिज़नेस
  5. बिकने जा रहे हैं टीवी के 3 मशहूर हिंदी चैनल, इंडस्ट्री की ये बड़ी डील बनी कारण

बिकने जा रहे हैं टीवी के 3 मशहूर हिंदी चैनल, इंडस्ट्री की ये बड़ी डील बनी कारण

दोनों चैनलों ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) को अपना प्रस्ताव पेश किया था और चार अक्टूबर को कुछ संशोधनों के बाद इस समझौते को मंजूरी दे दी गई थी।

Sachin Chaturvedi Edited By: Sachin Chaturvedi @sachinbakul
Published on: October 27, 2022 9:27 IST
टीवी चैनल- India TV Hindi
Photo:FILE टीवी चैनल

टे​लीविजन की दुनिया में एक बड़ी डील अपने अंजाम पर पहुंचती दिख रही है। मशहूर एंटरटेनमेंट ग्रुप जी और सोनी के विलय का समझौता अब एक कदम और आगे बढ़ा है। इस बीच सोनी और ज़ी ने तीन हिंदी चैनल को बेचने पर सहमति व्यक्त की है। इन चैनलों में बिग मैजिक, ज़ी एक्शन और ज़ी क्लासिक शामिल हैं। दोनों कंपनियों ने प्रस्तावित विलय समझौते से जुड़ी संभावित प्रतिस्पर्धा रोधी चिंताओं को देखते हुए यह निर्णय लिया है। 

सीसीआई की मिली मंजूरी 

दोनों चैनलों ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) को अपना प्रस्ताव पेश किया था और चार अक्टूबर को कुछ संशोधनों के बाद इस समझौते को मंजूरी दे दी गई थी। सीसीआई ने मंजूरी देने के तीन सप्ताह से अधिक समय बाद बुधवार को अपने 58 पृष्ठ के विस्तृत आदेश को सार्वजनिक कर दिया। 

क्या कहा सीसीआई ने आदेश में 

आदेश के अनुसार, दोनों कंपनियां हिंदी मनोरंजन चैनल बिग मैजिक को बेचने पर सहमत हो गई हैं। दोनों ने हिंदी फिल्म चैनल जी एक्शन और जी क्लासिक को भी बेचने पर सहमति व्यक्त की है। सीसीआई की प्रथम दृष्टया राय के बाद दोनों कंपनियां प्रस्तावित सौदे में संशोधन के लिए स्वेच्छा से इसलिए सहमत हुई हैं, क्योंकि इस सौदे से प्रतिस्पर्धा पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। एक निश्चित सीमा से अधिक के सौदों के लिए अनिवार्य रूप से सीसीआई की मंजूरी चाहिए होती है। नियामक बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना चाहता है। 

इन चैनलों से प्रतिस्पर्धा को था खतरा 

सीसीआई ने चार अक्टूबर को कहा था कि उसने प्रस्तावित ज़ी-सोनी विलय सौदे को मंजूरी दे दी है। इसकी घोषणा पिछले साल सितंबर में की गई थी। संबंधित बाजारों में उचित प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए नियामक ने तीन चैनलों को खरीदने से पहले संबंधित खरीदार द्वारा पूरी की जाने वाली विभिन्न जरूरतों को भी अनिवार्य कर दिया है। 

Latest Business News